सचिन के राज्यसभा में मनोनयन पर संवैधानिक सवाल

नई दिल्ली. संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप ने क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर के राज्यसभा में मनोनयन पर संवैधानिक प्रश्न उठाए हैं। सुभाष कश्यप ने सवाल किया है कि राज्यसभा में सिर्फ कला, समाजसेवा, विज्ञान या साहित्य क्षेत्र से आने वाली हस्तियों को ही मनोनीत किया जा सकता है।
सुभाष कश्यप ने सरकार से पूछा है कि वो बताए कि सचिन का मनोनयन किस आधार पर किया गया है। कश्यप ने कहा कि मैं ये नहीं कह रहा हूं कि सचिन का मनोनयन गलत है, न मैं ये कह रहा हूं कि सचिन को सांसद नहीं होना चाहिए। लेकिन मैं सिर्फ ये कह रहा हूं सरकार देश को यह बताए कि सचिन को किस श्रैणी में सांसद बनाया है। यदि सरकार यह मानती है कि क्रिकेट खेलना कला है या क्रिकेट का खिलाड़ी समाजसेवी है तो फिर कोई प्रश्न ही नहीं उठता।
वहीं सरकार की ओर से वरिष्ठ सांसद और केंद्रीय मंत्री हरीश रावत ने सचिन के राज्यसभा में मनोनयन का बचाव करते हुए कहा कि कला और समाजसेवा की परिभाषा बहुत व्यापक है। हरीश रावत ने कहा कि खेल भी एक कला है और सचिन देश के करोड़ों लोगों को प्रेरणा देकर समाजसेवा का काम भी कर रहे हैं।






