तमिलाडु की सीएम ने रद्द की एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप
एजेंसी | Feb 22, 2013, 12:41PM IST

चेन्नई. तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने चेन्नई में जुलाई में होने वाली 20वीं एशियन एथलेटिक्स चैँपियनशिप रद्द कर दी है। तमिल विद्रोही गुट लिट्टे के प्रमुख वी. प्रभाकरन के बेटे की श्रीलंका में सेना द्वारा हत्या के विरोध में उन्होंने यह कदम उठाया है।
जयललिता ने कहा कि श्रीलंका के खिलाडिय़ों के लिए राज्य में कोई जगह नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सिंगापुर में एशियन एथलेटिक्स एसोसिएशन को चिट्ठी लिखी थी। इसमें श्रीलंका की टीम को भाग लेने से रोकने की मांग की गई थी। लेकिन एसोसिएशन ने कोई जवाब नहीं दिया। इसलिए एसोसिएशन से कहीं और स्पर्धा आयोजित करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि हम ऐसे आयोजन को स्वीकार नहीं करेंगे जिसमें श्रीलंका की भागीदारी कर रही हो। श्रीलंका की सेना द्वारा प्रभाकरन के बेटे की हत्या की बुधवार को जयललिता की एआईएडीएमके और प्रमुख विपक्षी दल डीएमके ने निंदा की थी। कई अन्य पार्टियों ने भी बालचंद्रन की हत्या को गलत बताया है। राज्य के सांसदों ने संसद में भी राष्ट्रपति के अभिभाषण के बीच हंगामा किया।
क्या था मामला
ब्रिटिश टीवी चैनल4 डाक्यूमेंट्री डायरेक्टर कैलम मैकरी के मुताबिक 12 साल के बालचंद्रन को पहले श्रीलंकाई सेना के जवानों ने बिस्किट खिलाए। उसके बाद उसे गोलियों से छलनी कर दिया। इसकी तस्वीरें भी जारी की गई हैं। श्रीलंका सरकार ने इसे ‘झूठ, आधा सच और कई तरह की अटकलें’ करार दिया है। डॉक्यूमेंट्री का शीर्षक है, ‘नो वार जोन-द किलिंग फील्ड्स ऑफ श्रीलंका।’ डॉक्यूमेंट्री के अनुसार, ‘श्रीलंकाई सेना ने बालचंद्रन को जिंदा पकड़ा था। बाद में उसे गोलियां मारी गईं। गोली मारने से पहले उसे बिस्किट या टॉफी जैसा कुछ खिलाया गया।’
लंका के सांसद को लौटाया
श्रीलंका के एक सांसद करुणरत्ने जयसूर्या को विभिन्न दलों के प्रदर्शनों के बाद तमिलनाडु से गुरुवार को लौटना पड़ा। वे नागपट्टनम जिले में स्थित तिरुकडैयुर के अमृताकडेश्वर मंदिर में पूजा के लिए आए थे।
स्पर्धा देश में ही कराने की कोशिश
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) ने कहा है कि उसकी कोशिश होगी कि तमिलनाडु से बाहर किसी और शहर में स्पर्धा कराई जाए। एक अधिकारी ने कहा कि आयोजन कहां कराना है इस बारे में अंतिम फैसला तो एशियन एथलेटिक्स एसोसिएशन को करना है। यह उस पर ही होगा कि वह स्पर्धा भारत में ही होगी या देश के बाहर। हमारा प्रयास होगा कि यह देश में ही हो। एशियन एथलेटिक्स एसोसिएशन के महासचिव मॉरिस निकोलस ने कहा कि आधिकारिक सूचना मिलने के बाद ही वे कुछ कहेंगे।






