यदि मैरिज लाइफ में हो टेंशन तो अपनाएं यह फार्मूला
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| Jun 10, 2012, 17:02PM IST

टीवी अभिनेता पवन शंकर को युक्ति से शादी किए आठ वर्ष से भी ज्यादा हो चुके हैं और वह मानते है बच्चों के बाद जीवन की प्राथमिकताएं बदल जाती हैं लेकिन अपनी शादीशुदा जिंदगी में रोमांस को जिंदा रखना दम्पति की जिम्मेदारी होती है।
शंकर ने बताया, "90 प्रतिशत महिलाएं अपनी शादीशुदा जिंदगी में फिर से रोमांस लाने की कोशिश करती हैं जबकि पुरूषों में 10 प्रतिशत ही ऐसा करते हैं। यह इसलिए है क्योंकि पुरूष अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं करते। अगर पति-पत्नी में मानसिक स्तर पर तालमेल है, तो शादी एक आनंद है।"
उनके यह विचार उनके नए धारावाहिक 'क्या हुआ तेरा वादा' से मिलते-जुलते हैं। धारावाहिक एक शादीशुदा जोड़े की कहानी है, जिसके तीन बच्चे हैं और वह किस तरह से अपने वैवाहिक जीवन में दोबारा से रोमांस भरते हैं।
वित्तीय मुद्दें और माता-पिता का हस्तक्षेप भी कई बार रोमांस को खत्म कर देता है। तलाक से जुड़े मामलों की विशेषज्ञ वकील शिक्षा कुशवाहा मानती हैं कि इन सब बातों को टाला जा सकता है। बशर्ते कि पति-पत्नी एक-दूसरे के लिए समर्पित कुछ समय बिताए और सच्चाई को स्वीकार करते समय ईमानदार रहें।
"सामंजस्य की कमी, वित्तीय मुद्दे, माता-पिता का हस्तक्षेप और अन्य वैवाहिक मसले मुख्य मुद्दे हैं लेकिन दम्पति कुछ चीजों पर ध्यान दें तो इन्हें टाला जा सकता है।" वैसे इस बात की कोई गारंटी नहीं हैं कि प्रेम विवाह में ऐसी परिस्थितियां नहीं आती हैं। दस वर्षो के प्रेम सम्बंध के बाद विवाह करने वाली एक युवा पेशेवर वेता रत्रा ने बताया, "शादी के बाद जोड़ों को ज्यादा समय मिलता है लेकिन वह इसे एक एक दूसरे की गलतियां निकालने में बर्बाद कर देते हैं।"








