इस साल शिक्षा, सेहत, सरहद व अंदरूनी सुरक्षा, कालेधन की वापसी जैसे मोर्चों पर हुए कई अहम फैसलों पर अमल होने हैं। इनसे हालात भी बदलेंगे और लोगों की उम्मीदें भी पूरी होंगी।
सुरक्षाः सुरक्षा के लिए निजी कंपनियों से करार
देश की आंतरिक सुरक्षा को दो प्रमुख खतरे हैं। पहला आतंकवाद और दूसरा नक्सलवाद। सुरक्षा के इस साल एक लाख जवानों की भर्ती होनी है। इनमें से १३७०८ पद केंद्रीय सशस्त्र सुरक्षा बल के होंगे। कर्मचारी चयन आयोग को इसका जिम्मा सौंपा गया है। प्रश्न पत्र हिंदी, अंग्रेजी और राज्यों की मातृभाषाओं में होंगे। इसके साथ ही सरकार आंतरिक सुरक्षा में रिसर्च एंड डेवलपमेंट का काम पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए करेगी। साइबर सुरक्षा और साइबर फोरेंसिक्स इसके अहम क्षेत्र होंगे।
सेंट्रल मोनिटरिंग सिस्टम (सीएमएस), नेशनल इंटेलीजेंस ग्रिड (नेटग्रिड), क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीटीएनएस) उपक्रमों में निजी भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इस सबके बावजूद ये बात अलहदा है कि घरों में हो रही लूट से निजात मिलना अब भी मुश्किल है। हमारे पास इतनी चतुराई नहीं है और पुलिस किसी बात को गंभीरता से लेना नहीं चाहती। हर बार बात उठती है कि पुलिस एफआईआर लिखने के लिए कागज तक लोगों से बुलवाती है। हथियार जंग लगे हैं।
कालाधनः ‘विकीलीक्स’ बताएगा सबकी काली कमाई
देश में भ्रष्टाचार और कालेधन पर छिड़ी बहस के बीच नया साल स्विस बैंकों का कच्चा चिट्ठा लेकर आएगा। ये बात और है कि कालाधन जमा करने वालों के नाम हमें कौन बताएगा यह तय नहीं है। हो सकता है कि अब तक अंतरराष्ट्रीय करारों का हवाला देकर नाम जाहिर करने से बचते रहे केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी दम दिखा दें। और पूरी सूची लोगों के सामने रख दें। नहीं तो विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज ने तो कह ही दिया है कि, ‘हमारी सूची तैयार है। २०१२ में यह लोगों के सामने होगी।’ हालांकि सरकार ने कहा है कि १ अप्रैल २०१२ से भारत और स्विटजरलैंड कर से संबंधित मामलों पर जानकारी का लेनदेन शुरू करने वाले हैं।
शिक्षाः ४ यूनिवर्सिटी से १ विश्वविद्यालय
नई दिल्ली की चार यूनिवर्सिटी, दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहर लाल नेहरू विवि, जामिया मीलिया और दिल्ली आईआईटी को मिलाकर मेटा यूनिवर्सिटी बनाने की योजना है। जुलाई-२०१२ से यह काम करने लगेगा। मानो किसी ने आईआईटी में दाखिला लिया और उसे अंतरराष्ट्रीय सबंधों की पढ़ाई करनी है तो जेएनयू के कोर्स में चला जाए। अलग से नाम लिखाने की जरूरत नहीं। एआईसीटीई सभी राज्यों के एमबीए इंस्टीट्यूट के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगी। एआईईईई की प्रवेश परीक्षा अंग्रेजी के साथ-साथ हिन्दी में भी होगी। परीक्षा अब ऑन लाइन होगी।
इलाजः २० साल बाद मलेरिया रोकने का टीका
हर साल दुनिया में मलेरिया से 10 लाख लोगों की मौत होती है। अब इसे टीका लगाकर रोका जाएगा। इस साल यह दुनिया को मुहैया होगा। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने इसका नाम आरटीएसएस रखा है। दवा कंपनी ग्लैक्सो स्मिथ क्लाइन्स यह टीका बाजार में उतार रही है। यह करीब २० साल की मेहनत का नतीजा है।
मलेरिया का टीका बनाने पर दुनियाभर के देशों ने अब तक करीब ४००० लाख डॉलर खर्च किए हैं। तंजानिया और बगामोयो में टीका के प्रयोग सफल रहे हैं। 5 साल से कम उम्र के बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। और बगामोयो में टीका के प्रयोग सफल रहे हैं। हमारे यहां इस टीेके को आने में कुछ वक्त लग सकता है। लेकिन डॉक्टरों को इससे उम्मीद तो बंधी ही है।