एलपीजी सिलेंडर के कनेक्शन में धांधली पर सख्ती
नई दिल्ली. एलपीजी सिलेंडर के कनेक्शन में होने वाली धांधली रोकने और रसोई गैस की किल्लत दूर करने के लिए सरकार और तेल कंपनियों से सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। सरकार मंत्रियों और सांसदों को एलपीजी सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी खत्म करने की तैयारी में है तो तेल कंपनियां एक से अधिक एलपीजी कनेक्शन रखने वालों से कड़ाई से निबटने की तैयारी कर रही हैं।
तेल कंपनियां ऐसे उपभोक्ताओं का पता लगा रही हैं, जिनके पास एक से अधिक गैस कनेक्शन या फिर घर के ही अन्य सदस्यों के नाम पर कनेक्शन रजिस्टर्ड है। कंपनियां ऐसा इसलिए कर रही हैं ताकि सभी को समय पर रसोई गैस उपलब्ध हो सके।
तेल कंपनियों ने एक खास किस्म का सॉफ्टवेयर तैयार किया है जिसके जरिए किसी एक कंपनी या कई कंपनियों के रसौई गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों का पता लगाया जा रहा है। अभी तक की पड़ताल में इंडियन ऑयल ने केवल राजधानी दिल्ली में करीब 60 हजार ऐसे उपभोक्ताओं का पता लगाया है जिनके पास कई कनेक्शन हैं। दूसरी कंपनियों का आंकड़ा आना अभी बाकी है।
एक से ज्यादा रसोई गैस सिलेंडर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को अतिरिक्त कनेक्शन जमा कराने के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं। यदि ऐसे उपभोक्ता 30 दिन के अंदर अपने अतिरिक्त कनेक्शन जमा नहीं कराते हैं तो इन कनेक्शनों पर रसोई गैस की सप्लाई बंद कर दी जाएगी। उसके बाद उन्हें यह मल्टीपल कनेक्शन जमा कराना ही होगा।
इसके अलावा हाल में उपभोक्ताओं को एक साल के अंदर सप्लाई किए गए सिलेंडरों का ब्यौरा सार्वजनिक होने के बाद इसमें कई तरह की गड़बडियां सामने आईं। पता चला कि आम उपभोक्ताओं के मुकाबले सबसे अधिक सब्सिडी का लाभ 'वीआईपी' उठा रहे हैं। इस खबर के बाद मंत्रियों और सांसदों पर सब्सिडी नहीं लेने का नैतिक दबाव बढ़ा है। केंद्रीय पेट्रोलियम राज्यमंत्री आरपीएन सिंह कई बार सांसदों से सब्सिडी नहीं लेने की अपील कर चुके हैं।
पीएम, वित्त मंत्री से लेकर सरकार के आर्थिक सलाहकार तक इस ओर इशारा कर चुके हैं कि सब्सिडी धीरे-धीरे कम की जाएगी। केरोसीन और डीजल पर भी सब्सिडी कम करने की बात की जा रही है। अकेले एलपीजी पर सब्सिडी से सरकारी खजाने पर साल भर में 29 हजार 927 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा है।









