नई दिल्ली. भारतीय वायु सेना एक ओर राजस्थान के पोखरण में युद्धाभ्यास कर रही है वहीं पोखरण में 1998 में हुए परमाणु परीक्षण से ज़ड़ा बड़ा खुलासा हुआ है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को 1995 के आखिरी महीनों में ही भारत के परमाणु परीक्षण की तैयारियों के संकेत मिले थे लेकिन सैटेलाइट तस्वीरों में सब कुछ साफ नजर नहीं आया था। कुछ खुफिया दस्तावेजों के सार्वजनिक होने से यह जानकारी सामने आई है। नेशनल सिक्योरिटी आर्काइव की ओर से जारी इन दस्तावेजों से भारत के परमाणु परीक्षण स्थल पर अमेरिका की नजर के संकेत मिलते हैं।
नेशनल सिक्योरिटी आर्काइव के मुताबिक, आर्मी कंट्रोल एंड डिसअर्मामेंट एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा जारी ई-मेलों में परमाणु परीक्षण केंद्र के सैटेलाइट तस्वीरों की चर्चा की गई है। इससे पता चलता है कि खुफिया तरीके से केबल बिछाए गए थे। संभावना है कि ये केबल परीक्षण यंत्रों से जुड़े हुए थे। ई-मेलों से यह भी पता चलता है कि सैटेलाइट तस्वीरों को समझने में विशेषज्ञों को कठिनाई हुई थी क्योंकि वे मानव निर्मित जटिल संरचनाएं थीं।
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