नेशनल सिक्योरिटी आर्काइव एंड न्यूक्लियर प्रोलिफरेशन इंटरनेशनल हिस्ट्री प्रोजेक्ट ने इसके साथ ही बिल क्लिंटन प्रशासन के उन प्रयासों पर भी प्रकाश डाला है जो उन्होंने परमाणु परीक्षण के खतरों से निबटने के लिए उठाया था। इसमें साफ कहा गया है कि भारत के पोखरण परमाणु परीक्षण केंद्र पर अमेरिकी की खुफिया इकाई की कड़ी नजर थी। इसमें यह भी कहा गया है कि अमेरिका ने 1996 में भारत के परमाणु परीक्षणों का आकलन किया था, जिसमें दावा किया गया था कि भारत का 1974 का परमाणु परीक्षण 'लगभग नाकाम' हो गया था। हालांकि उसने इस नतीजे पर पहुंचने के कारणों का ब्योरा नहीं दिया है। भारत ने पोखरण में अपना पहला परमाणु परीक्षण 1974 में किया था।
(फोटो: 19 मई 1994 को ह्वाइट हाउस में तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री पी वी नरसिंह राव और अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की मुलाकात हुई थी)