इनमें से एक दस्तावेज के अनुसार जब यह स्पष्ट हो गया कि भारत परमाणु परीक्षण की योजना बना रहा है तो विस्नर ने प्रधानमंत्री कार्यालय को चेताया कि यह हमारे लिए मुसीबत बन जाएगी। चंद दिनों के अंदर विस्नर भारत में वापस आ गए। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के प्रमुख सचिव एएन वर्मा से मुलाकात की। उन्होंने वर्मा को पोखरण परमाणु केंद्र की सैटेलाइट तस्वीरें दिखाया और चेताया कि परमाणु परीक्षण भारत के लिए 'मुसीबत' बन जाएगा।
दस्तावेजों के अनुसार, दिसंबर, 1994 के मध्य में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव अमेरिका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से मिलने वाशिंगटन गए थे। उस समय क्लिंटन ने राव से इस बारे में बात की थी। प्रधानमंत्री राव ने उनसे कहा था कि भारत जिम्मेदारी से अपना काम करेगा।
(फोटो: 1974 में पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण के बाद मौके पर मौजूद तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी)