कांग्रेस ने 'बीमार' वाजपेयी को बुलाया तो बीजेपी मनमोहन पर अड़ेगी!

नई दिल्ली.अगर कांग्रेस 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को बतौर गवाह तलब करेगी तो बीजेपी प्रधानमंत्री को भी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सामने पेश होने की मांग करेगी। दरअसल, मंगलवार की सुबह 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच कर रही जेपीसी के सामने उन गवाहों की सूची रखी गई, जिसमें अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के नाम शामिल थे।
लेकिन क्या इन लोगों को बतौर गवाह पेश होने के लिए तलब किया जाए या नहीं, इस पर फैसला 10 जुलाई तक के लिए टाल दिया गया। लेकिन जेपीसी ने इस बात पर सहमति जताई कि कुछ नेताओं और कारोबार जगत की कुछ हस्तियों को बुलाया जाएगा। मंगलवार को जैसे ही जेपीसी की बैठक शुरू हुई समिति के अध्यक्ष पीसी चाको ने सदस्यों के सामने गवाहों की सूची रखी। चाको ने कहा कि उन्होंने इस बात पर अभी विचार नहीं किया है कि किसे बुलाया जाए या नहीं। चाको के मुताबिक यही वजह है कि उन्होंने इस मुद्दे पर फैसला टाल दिया है ताकि वे समिति के हर सदस्य से बात करके गवाहों की सूची में रद्दोबदल कर इसे अंतिम रूप दे सकें। इसके बाद उन्होंने सूची वापस ले ली। समिति के सदस्य और बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि अगर वाजपेयी को गवाह के तौर पर तलब किया जाएगा तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बुलाए जाने की उनकी मांग भी मानी जानी चाहिए।
चाको ने कहा कि उन्हें भी वाजपेयी का नाम गवाहों की सूची में रखे जाना अच्छा नहीं लगा। लेकिन चाको ने सफाई भी दी कि जेपीसी सचिवालय ने वाजपेयी का नाम सूची में शामिल कर लिया। वाजपेयी ने एनडीए के शासन में जगमोहन के इस्तीफे के बाद कुछ दिनों तक दूरसंचार मंत्रालय का प्रभार भी संभाला था। गौरतलब है कि अटल बिहारी वाजपेयी सक्रिय राजनीति छोड़ चुके हैं और इनदिनों बीमार रहते हैं।
2 जी पर बनी जेपीसी का कार्यकाल शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन तक के लिए मई में ही बढ़ा दिया गया था। जेपीसी के अध्यक्ष पीसी चाको उम्मीद जता चुके हैं कि शीतकालीन सत्र की समाप्ति के पहले समिति रिपोर्ट तैयार कर लेगी।








