उपराष्ट्रपति चुनाव: जसवंत सिंह अगर चुने गए तो...
नई दिल्ली. उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए प्रत्याशी जसवंत सिंह ने विश्वास जताया है कि अन्ना द्रमुक सुप्रीमो जयललिता और बीजद प्रमुख नवीन पटनायक उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करेंगे। उपराष्ट्रपति का चुनाव जीतने का विश्वास जताते हुए उन्होंने कहा कि वैसे आंकड़े सही नहीं हैं जिसमें यूपीए उम्मीदवार हामिद अंसारी की आसान जीत की बात कही गई है।
यह पूछने पर कि अगर एनडीए के अलावा उनका किसी ने समर्थन नहीं किया, तब क्या शर्मनाक स्थिति नहीं होगी, जसवंत ने कहा-'आप सात अगस्त तक इंतजार क्यों नहीं करते, अभी नतीजे नहीं निकालें।' यह पूछने पर कि राष्ट्रपति चुनाव के दौरान संगमा ने यूपीए पर जिस तरह के आरोप लगाए, उससे क्या वह सशंकित हैं, सिंह ने कहा- 'ऐसा नहीं है। मुझे इस तरह की आशंका नहीं रहती है। मैं भारतीय राजनीतिक जीवन की वास्तविकता समझने में सक्षम हूं।'
एक न्यूज चैनल से बातचीत में उपराष्ट्रपति चुनाव से संबंधित कई प्रश्नों के उत्तर में सिंह ने केवल इतना कहा, 'आप प्याज के छिलके उतारने की कोशिश कर रहे हैं।' उन्होंने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि नवीन पटनायक के लिए कंधमाल मुद्दे पर भाजपा का साथ छोडऩे के बाद 2009 में कही अपनी बात को पलटकर उन्हें समर्थन देने का तर्क नहीं है। उन्होंने इस दलील को भी खारिज कर दिया कि अन्ना द्रमुक-बीजद अपने उम्मीदवार के राष्ट्रपति चुनाव में पराजित होने के बाद वह उनकी उम्मीदवारी का समर्थन शायद नहीं कर पाएगी। सिंह ने कहा कि उन्हें दोनों नेताओं का समर्थन मिलने का विश्वास है। उन्होंने इस दलील को भी खारिज कर दिया कि भाजपा के कुछ नेता उनकी उम्मीदवारी से खुश नहीं हैं।
यूपीए में तानाशाही
जसवंत ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ यूपीए में निर्णय लेने की प्रक्रिया 'तानाशाहीपूर्ण' है। दावा किया कि एनडीए और भाजपा में यह प्रक्रिया विचार विमर्श पर आधारित है, जिसमें काफी संख्या में लोगों से सलाह की जाती है।
अगर चुने गए तो...
उन्होंने कहा कि अगर वह चुने जाते हैं तब मीडिया के लिए संसद की स्थायी समिति की बैठक को खोलने का समर्थन करेंगे। साथ ही सांसदों को इस संबंध में मनाएंगे।








