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कांग्रेस चिंतन बैठक: पांच ग्रुप ने क्या किया चिंतन

पंकज कुमार पांडेय | Jan 20, 2013, 09:41AM IST
जयपुर. चिंतन शिविर के लिए बने पांच समूहों ने शनिवार को मंथन का काम पूरा कर लिया। इन पांचों ग्रुपों में राहुल गांधी को पार्टी की कमान सौंपने, उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ने और उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने तक की मांग भी उठी। कुछ सदस्यों ने महंगाई के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश भी की। पांचों ग्रुप अध्यक्षों ने मिलकर बड़े बिंदुओं को छांट लिया। इन बिंदुओं के आधार पर जयपुर घोषणा पत्र तैयार करने का काम चल रहा है। एआईसीसी के रविवार को होने वाले अधिवेशन में जयपुर घोषणा पत्र जारी किया जाएगा। 
 
पांचों समूहों का मंथन, किस समूह के चिंतन में क्या रहा
 
ग्रुप एक-उभरती राजनीतिक चुनौतियां
अध्यक्ष - एके एंटनी
उभरती राजनीतिक चुनौतियों वाले ग्रुप में युवाओं को नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा हुई। चर्चा में यह बात प्रमुखता से उठाई कि युवाओं का राजनीति से विश्वास उठ गया है। उन्हें राजनीति से जोडऩा होगा। युवाओं का विश्वास बहाल नहीं किया तो आने वाले समय में दिक्कतें आएंगी। सोशल मीडिया से उपजे आंदोलनों का हवाला देते हुए पार्टी में सोशल मीडिया को गंभीरता से लेने का सुझाव दिया। चर्चा में नए गठबंधन सहयोगियों की तलाश और क्षेत्रीय दलों के तालमेल पर मंथन किया गया। चर्चा के बाद केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने कहा, हर राज्य की परिस्थितियों के हिसाब से गठबंधन होता है। चुनाव पूर्व गठबंधन और चुनाव बाद का गठबंधन दोनों अलग-अलग मुद्दे हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि राज्य विशेष की परिस्थितियों के हिसाब से गठबंधन का फैसला करना चाहिए।
 
 
ग्रुप दो-सामाजिक आर्थिक चुनौतियां
अध्यक्ष - दिग्विजय सिंह
 
सामाजिक आर्थिक चुनौतियों के ग्रुप में हुई चर्चा पर महंगाई का मुद्दा मुख्य रूप से उठा। इसके अलावा नक्सलवाद, नौकरियों और बेरोजगारी, सब्सिडी का दुरुपयोग और केंद्र की योजनाओं में राज्यों में सही तरीके से काम नहीं करने के मुद्दे पर भी नेताओं ने सवाल उठाए। केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट का कहना है कि महंगाई को कम करने और नक्सलवाद जैसे इश्यूज को हल करने के भी सुझाव दिए गए। इस ग्रुप की बैठक में सोनिया गांधी भी आईं। किसानों की अलग श्रेणी बने : केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने कहा, सभी योजनाओं में किसान वर्ग बनाना चाहिए। आज 2 लाख करोड़ रु. योजनाओं पर खर्च हो रहे हैं, लेकिन उसका किसानों तक फायदा नहीं मिला।
 
 
महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कड़े कानून, जेंडर सेंस्टेविटी की पैरवी
ग्रुप तीन-महिला सशक्तीकरण 
अध्यक्ष: गिरिजा व्यास
महिला सशक्तिकरण पर बने समूह की चर्चा में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों पर पार्टी के स्टैंड पर चर्चा हुई। दिल्ली गैंगरेप का मामला उठाते हुए दुष्कर्म के गंभीर अपराधों पर पार्टी को आक्रामक रवैया अपनाने का सुझाव आया। कई महिला नेताओं ने जेंडर सेंस्टेविटी पर पार्टी को खास ध्यान रखने का सुझाव दिया। चर्चा के
बाद डॉ. गिरिजा व्यास ने कहा कि पांच मुद्दे प्रमुखता से उठे हैं। पार्टी में जेंडर सेंस्टेविटी हो। कानून कठोर हों। पुलिस संवेदनशील बने। सिविल सोसाइटी से इस मुद्दे पर तालमेल बढ़ाएं। पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस राज्य मंत्री पानाबाका लक्ष्मी ने कहा कि चिंतन शिविर में महिलाओं से संबंधित सत्र में युवाओं ने महिलाओं के सशक्तिकरण के कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इसमें महिलाओं के लिए योजनाएं चलाने, उनके लिए प्रशिक्षण देने और सामाजिक स्तर बढ़ाने पर जोर दिया गया।
 
 
पाकिस्तान के प्रति रक्षात्मक रवैया रखने पर उठाए सवाल  
ग्रुप चार-भारत और विश्व
अध्यक्ष - आनंद शर्मा
इस ग्रुप में पाकिस्तान और पड़ोसी देशों से संबंधों का मामला प्रमुख रहा। कई नेताओं ने पाकिस्तान के प्रति आक्रामक होने की मांग उठाई। चर्चा के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि जब हम भारत के संदर्भ में बात करते हैं तो भारत एक नक्षत्र की तरह उभर रहा है। अपना दृष्टिकोण किसी एक देश पर नहीं रखकर वैश्विक माहौल पर रख सकते हैं। इस माहौल में भारत की क्या भूमिका होनी चाहिए, इन सब मुद्दों पर चर्चा हुई है। चर्चा में पाकिस्तान का भी जिक्र आया था।
 
 
राहुल और युवा नेतृत्व का मुद्दा छाया
ग्रुप पांच-संगठनात्मक ताकत
अध्यक्ष- गुलाम नबी आजाद
संगठन पर बने ग्रुप की चर्चा में युवाओं को नेतृत्व देने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इसके अलावा पार्टी में मौजूदा कमजोरियों पर चर्चा हुई। प्रदेशाध्यक्ष और जिलाध्यक्ष को चुनाव नहीं लडऩे का सुझाव आज फिर दोहराया गया। कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि किस तरह चुनावी रणनीति बने, सबको कैसे मजबूती देनी है, इन पर चर्चा हुई है। चिंतन शिविर में नीतिगत निर्णय होने हैं।
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