10 नमूने : आपका पैसा इस तरह लुटा रही है सरकार

नई दिल्ली. सरकार आर्थिक सुधार के नाम पर कड़े फैसले लेने पर आमादा है। इसकी सीधी मार जनता पर पड़ रही है। पहले से महंगाई के बोझ से दबी जनता पर ताजा मार रसोई गैस सिलेंडर लेने में मुश्किल और रेलवे के जरिए मुसाफिरों को 'लूटने' की योजना के रूप में पड़ने जा रही है (पढ़ें, ट्रेन टिकट पर सर्विस टैक्स का रिफंड लेने में निकल जाएगा तेल)।
मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई की अनुमति देने, डीजल की कीमत में पांच रुपये प्रति लीटर की बढोतरी और सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या सीमित करने के फैसलों को लेकर देश भर में बवाल मचा है। अब एक अक्टूबर से रेल टिकट भी महंगा होने जा रहा है और एलपीजी सिलेंडर के नए कनेक्शन पर अघोषित रोक लग गई है।
सरकार अपना घाटा कम करने के नाम पर जनता को इन तमाम परेशानियों के बोझ से लाद रही है, लेकिन केंद्र और तमाम राज्य सरकारें जनता का पैसा मुफ्त का चंदन, घिस मेरे रघुनंदन या फिर माल-ए-मुफ्त, दिल-ए-बेरहम की तर्ज पर लुटा रही हैं। केंद्र सरकार ने पिछले दिनों सभी मंत्रालयों को फिजूलखर्ची से बचने और कोई कार्यक्रम पांच सितारा होटल में नहीं करने की हिदायत दी थी। लेकिन यह दिखावा साबित हो रहा है। सरकार की शाहखर्ची कम नहीं हुई है।
जनता के पैसे से मची लूट का नमूना आगे क्लिक करके जानें....






