राष्ट्र के नाम संबोधन में 'पैसे पेड़ पर नहीं उगने' की बात कहने वाले प्रधानमंत्री की कैबिनेट की शाहखर्ची का ताजा नमूना सामने आया है। साल 2011-12 के दौरान पीएम मनमोहन सिंह सहित यूपीए सरकार के मंत्रियों के विदेश दौरों पर 678 करोड़ रुपये लुटा दिए गए। यह रकम 2010-12 की तुलना में करीब 12 गुना अधिक है। उस साल ऐसे दौरों पर 56.1 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। 2011-12 के दौरान इन यात्राओं का अनुमानित बजट महज 46 करोड़ 95 लाख रुपये था। हालांकि 2009-10 में यात्रा का अनुमानित बजट जहा एक अरब साठ करोड़ 70 लाख रुपये था लेकिन उस वर्ष यात्रा खर्च आम चुनाव की वजह से 81 करोड़ 54 लाख रुपये के करीब रहा। विदेशी दौरों पर हुए खर्च में इतना बड़ा उछाल आने की वजह मंत्रियों द्वारा चार्टर्ड विमानों के जरिये कई बार सफर करना है। जनता द्वारा टैक्स के तौर पर जमा किए जाने वाले पैसों की 'बर्बादी' से जुड़ा यह खुलासा आरटीआई कानून के तहत दायर एक आवेदन के जरिये हुआ है।