धनकुबेरों की किस्मत आर्थिक विकास और स्टॉक मार्केट के साथ-साथ चलती है। 2000 के दशक में जब स्टॉक मार्केट में उछाल आया तो अरबपतियों की दौलत भी 70 प्रतिशत तक बढ़ गई। यही नहीं 2008 के बाद आई आर्थिक मंदी में अरबपतियों की दौलत में 60 प्रतिशत तक की गिरावट आई। लेकिन आर्थिक हालात सुधरे ओौर 2011 आते-आते एक बार फिर धनाड्यों की दौलत ने 2007 का आंकड़ा तो पार कर लिया लेकिन यह 2008 की ऊंचाई से कम ही रही। 2012 में एक बार फिर आर्थिक हालात खराब हुए तो अरबपतियों की दौलत भी 2010 के निचले स्तर तक पहुंच गई।