वित्त मंत्री की रेस: जयराम, आनंद, चिदंबरम, मोंटेक और रंगराजन में होड़

नई दिल्ली. भारत के 13वें राष्ट्रपति बनने की तरफ मजबूती से बढ़ रहे प्रणब मुखर्जी ने गुरुवार को नामांकन कर दिया है। उनके बाद वित्त मंत्रालय की कमान फिलहाल प्रधानमंत्री ने संभाल रखी है, लेकिन फुल टाइम वित्त मंत्री किसे बनाया जाए, यह सवाल यूपीए सरकार के सामने है।
नीतिगत फैसलों में ठहराव, महंगाई और निवेश में गिरावट जैसी खामियों से जूझ रही अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए खुद प्रधानमंत्री ने अभी वित्त मंत्रालय की कमान संभाल रखी है। 1991 में बेहद खराब अर्थव्यवस्था के दौर में वित्त मंत्रालय संभालने वाले डॉ. मनमोहन सिंह खुद अर्थशास्त्री हैं जिन्होंने आर्थिक सुधार लागू किए थे, जिसके बाद भारत ने आर्थिक मोर्चे पर तेजी से तरक्की की थी। लेकिन मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए वह खुद फुल टाइम वित्त मंत्री जल्दी ही नियुक्त करना चाहेंगे। इस पद के लिए उनकी नज़र सरकार के कुछ जाने पहचाने चेहरों पर रह सकती है। इनमें पी. चिदंबरम, जयराम रमेश, आनंद शर्मा, मोंटेक सिंह आहलूवालिया और सी. रंगराजन शामिल हैं।
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