उन्हें डाला था जेल में सुधरने के लिए...पर यहां भी है जारी दादागिरी

अमृतसर.खूंखार अपराधी गुमटाला जेल में रात होते ही पीसीओ-एसटीडी का कारोबार शुरू कर देते हैं। रात के अंधेरे में हार्डकोर अपराधियों की दादागिरी जेल में आरंभ हो जाती है।छोटे-मोटे मामलों में सजा काट रहे अन्य हवालातियों और कैदियों से ये अपराधी मोटे पैसों की वसूली करते हैं।
मोबाइल बरामदगियों की घटनाएं बताती हैं कि जेल में रहते हुए कैदी बाहर खुलेआम और बेपरवाह होकर बातें करते हैं। इस जेल में दशकों से अपराधियों का राज रहा है। सत्ता में पहुंच रखने वाले और हार्डकोर अपराधियों की दादागिरी का खेल यहां कोई नया नहीं है। जेल के सूत्र बताते हैं कि यहां रात होते ही कुछ बैरकों में पीसीओ और एसटीडी खुल जाती है। शातिर अपराधियों के पास मोबाइल तो हैं ही। इसके अलावा वे छोटे-मोटे केसों में सजा काट रहे आरोपियों को घर फोन करवाने के नाम पर मोटी वसूली करते हैं। यह वसूली 10 गुना तक भी जाती है।
गुमटाला सेंट्रल जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट आरके शर्मा ने इस विषय पर कहा कि बरामदगियों के बाद आज से रोजाना जेल में आपरेशन सर्च चलाया जा रहा है। सूचना मिलने पर उसी बैरक में छापेमारी कर मोबाइल बरामद कर लिए जाते हैं।







