डोर टू डोर प्रचार और राजनीतिक गठजोड़ के फार्मूलों पर काम करने के बाद अब सभी उम्मीदवार मतदान में जनता के रुझान को जानने में जुट गए हैं। जिन हलकों में उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला है, वहां के सभी उम्मीदवारों ने मंगलवार को अपने समर्थकों की मीटिंग बुलाई और चुनाव के दौरान क्या स्थिति रही है, इसकी पूरी जानकारी हासिल की है।
सवा महीने की चुनावी भागदौड़ के बाद मंगलवार को प्रत्याशियों ने अपनी थकान मिटाई और पूरा दिन पोलिंग के आंकड़ों की समीक्षा में जुटे रहे
कालिया ने घर में ही बिताया दिन
सेंट्रल हलके से भाजपा के प्रत्याशी और पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया ने मंगलवार को अपनी बहनों नंदिनी, मोहिनी और भांजे के साथ दिन बिताया। इसके साथ ही उन्होंने समर्थकों से मतदाताओं का रुझान भी जाना। उन्होंने बूथ वाइज पोलिंग रिपोर्ट हासिल की और करीबी से उसकी समीक्षा की। इसके बाद कालिया खुश दिखाई दिए।
धूप सेंकी और समर्थकों के साथ की बैठक
जालंधर वेस्ट हलके से कांग्रेस की प्रत्याशी सुमन केपी और उनके पति सांसद मोहिंदर केपी ने अपने निवास पर धूप सेकी और अपने समर्थकों के साथ बैठकर चुनाव संबंधी चर्चा की। केपी ने समर्थकों से पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की संख्या की जानकारी भी ली। उन्होंने पोलिंग रिपोर्टाें को बारीकी से देखा।
समरा ने वर्करों के साथ बैठक की
नूरमहल। कांग्रेस उम्मीदवार अमरजीत समरा ने चुनाव में हुए भारी मतदान को लेकर वर्करों के साथ बैठक की और स्थिति का जायजा लिया। समरा ने नूरमहल हलके, नकोदर शहर समेत नए जुड़े क्षेत्रों हुई वोटिंग के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर ओम प्रकाश बालू, राकेश कलेर, जसबीर सहजल, मनमोहन गौतम शर्मा, विनोद नैय्यर, मनोज तकियार, कपिल तकियार, बलजीत सिंह जौहल, बलजिंदर सिंह भंडाल मौजूद रहे।
चीमा ने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका
जालंधर त्नजालंधर केंद्रीय से पीपीपी के प्रत्याशी कुलदीप सिंह चीमा चुनाव वोटिंग खत्म होने के बाद मंगलवार सुबह आठ बजे उठे। अन्यथा वह बीते एक माह से चुनाव प्रचार के लिए सुबह पांच बजे उठते थे। चीमा ने बताया कि उन्होंने सुल्तानपुर लोधी स्थित गुरुद्वारा साहिब में माथा टेककर चुनाव प्रचार शुरू किया था। अब चुनाव प्रक्रिया खत्म होने पर सुबह गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका।
मीटिंग के बाद ही आराम से सोए
आदमपुर से शिअद उम्मीदवार पवन टीनू ने चुनाव के बाद अपने इलेक्शन मैनेजरों के साथ समीक्षा कर रिलैक्स महसूस किया। उन्होंने देर तक अपने वर्करों व मैनेजरों से बात की। उनसे इन 20 दिनों की कैंपेन की पूरी डिटेल ली। उन्होंने इलेक्शन में अलग-अलग लोगों की ड्यूटियां लगाई थी। पूरी रिपोर्ट जानने के बाद उन्होंने आराम किया।