Home » Punjab » Jalandhar » Engineer Harbhajan Singh Commits Suicide In The Office.

..मेरे पापा को उठाकर आप तुरंत अस्पताल ले जाते तो वे बच जाते!

सतपाल | Jan 26, 2013, 02:11AM IST
..मेरे पापा को उठाकर आप तुरंत अस्पताल ले जाते तो वे बच जाते!
जालंधर.इंजीनियर हरभजन सिंह की देह स्ट्रेचर पर पड़ी थी। पत्नी सुरजीत कौर नाउम्मीद होकर भी उनके माथे को सहला रही थी। बेटी नवजोत कौर को पापा के दफ्तर के साथियों से यही शिकायत थी- काश उन्हें तुरंत कोई अस्पताल ले जाता। उन्हें यह कहते सुना गया- मेरी मम्मी को फोन बाद में करते, हमारे आने का इंतजार मत करते। मेरे पापा को उठाकर आप तुरंत अस्पताल ले जाते, तो वे बच जाते।
 
दफ्तर के लोगों को सुबह साढ़े नौ बजे पता चला कि इंजीनियर हरभजन सिंह फर्श पर तड़प रहे हैं। तुरंत ही दरवाजे का शीशा तोड़कर कुंडी खोली। अंदर गए। फिर कालिया कालोनी में उनके घर पर बीवी सुरजीत कौर को फोन किया गया। उन्होंने अपनी बेटी को फोन किया। तुरंत पापा के दफ्तर जाओ। उन्हें कुछ हो गया है।  बीएमसी चौक के पास एक्साइज डिपार्टमेंट में कार्यरत नवजोत कौर को आबादपुरा पहुंचते-पहुंचते दस बज चुके थे।  
बकौल नवजोत- पापा जमीन पर पड़े थे। पगड़ी आधी उतरी हुई थी। सांसें चल रही थीं। सहकर्मी बगल में खड़े थे, लेकिन कोई उठाकर अस्पताल नहीं ले गया। इनमें से दो की गाड़ियां भी खड़ी थीं। लेकिन वे एंबुलेंस का इंतजार कर रहे थे। 
 
एडीसीपी वेस्ट पुलिस रविंदर पाल सिंह संधू ने कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुबह डाक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा और सुसाइड नोट को हैंड राइटिंग एक्सपर्ट के पास जल्द भेजा जाएगा।
आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
5 + 10

 
विज्ञापन
 
Ethical voting

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

स्पोर्ट्स

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment