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आईजी के ससुर और सालों ने अपने सुरक्षा में लगे कमांडो को मार डाला

dainik bhaskar news | Jul 06, 2012, 01:19AM IST
 
 

होशियारपुर. चंडीगढ़ में तैनात आईजी (हेडक्वार्टर) कुलदीप सिंह के ससुर बलवंत सिंह और उनके साले कुलतार सिंह व हरजोध सिंह के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। इन लोगों पर अपने ही गनमैन ब्लैक कमांडो हेड कांस्टेबल अछरराम को गोली मारने का आरोप है। गनमैन के दो गोलियां छाती में और एक गोली बाजू में लगी है।

हत्या का मामला दर्ज होने के बाद से तीनों ही हत्यारोपी भूमिगत हो गए हैं। 40 वर्षीय अछरराम के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। इसके बाद गांव मैली में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। अछरराम पंजाब पुलिस की सेवा में 1992 में आया था। ब्लैक कमांडो का प्रशिक्षण भी हासिल किया हुआ था।

इस समय उसकी तैनाती चब्बेवाल थाने में बतौर हेड कांस्टेबल के पद पर थी और वह पिछले ढाई साल से होशियारपुर के शेरगढ़ गांव में आईजी कुलदीप सिंह के ससुर बलवंत सिंह और उसके परिवार की सुरक्षा में तैनात था। आरोप है कि आईजी के ससुर के यहां कुछ दिन पहले चोरी हुई थी।

इस पर सुरक्षा कर्मी को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। घटना के बाद से आरोपी परिवार भू्मिगत हो गया है और घर पर ताला लटका हुआ है। एसएसपी बलकार सिंह सिद्घू ने मामले की जांच एसपी जगमोहन सिंह को सौंप दी है।

तीन डाक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम

पुलिस प्रशासन के निर्देश पर सिविल सर्जन ने तीन डाक्टरों डा. जसविंदर सिंह, डा. हरिंदरजीत सिंह गर्ग और डा. सतविंदर सिंह के गठित बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि छाती में दो गोलियां और एक गोली दाहिनी बाजू में लगकर आरपार हो गई थी।

सरकारी राइफल से दागी गईं तीनों गोलियां

कृष्ण देव ने पुलिस के समक्ष आरोप लगाया कि बलवंत सिंह व उसके दोनों बेटों कुलतार सिंह व हरजोध सिंह ने मिलकर अछरराम की सरकारी राइफल से हत्या कर दी है। गोलियां दागने के बाद देर रात तक इस बात को छिपाए रखा गया और काफी देर बाद उसे सरकारी अस्पताल लाया गया। हालत नाजुक होने पर पीजीआई चंडीगढ़ रैफर किया गया लेकिन उसकी रास्ते में मौत हो गई।

घर में चोरी के बाद से किया जा रहा था परेशान

शिकायत में अक्षर राम के साले कृष्ण देव ने बताया कि उसका जीजा अछरराम एक जुलाई को उसके पास आया था व उसे बताया था कि कुछ दिन पहले बलवंत सिंह के घर में चोरी हो गई है। चोरी के बाद से ही बलवंत व उसके दोनों बेटे उस पर शक कर रहे हैं कि चोरी उसने ही करवाई है। अछरराम को धमकियां भी दी जा रही थीं कि अगर चोर ट्रेस न हुए तो तुम्हे मार डालेंगे।
 
 
 

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