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सात साल बाद भी सूर्या एन्क्लेव को नहीं मिली गैस
सोमनाथ कैंथ
| May 11, 2012, 01:53AM IST

ट्रस्ट के तत्कालीन चेयरमैन तेजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा था कि सूर्या एनक्लेव में ही गैस टैंकर बनाया जाएगा और यहां पाइप से सप्लाई घरों में पहुंचेगी। दावा था कि यह सुविधा राज्य में पहली बार मिलने जा रही है। मकान बनाते समय इसके लिए घरों के बाहर तक पाइप डलवा दिए, लेकिन सुविधा सात साल बाद भी नहीं मिली। लोग कहते हैं, हमें तो ट्रस्ट ने ठग लिया।
गैस कनेक्शन के दस-दस हजार रुपए वसूले थे ट्रस्ट ने
सूर्या एनक्लेव में कोठी के मालिक सतबीर शारदा, शहीद भगत सिंह नशा मुक्ति वेलफेयर सोसायटी के प्रधान राकेश बब्बू और अर्बन एस्टेट फेस-दो वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान एमएल चावला जिनका सूर्या एनक्लेव में भी फ्लैट है, ने बताया कि ट्रस्ट ने पाइपलाइन से गैस आपूर्ति के एवज में दस-दस हजार रुपए अतिरिक्त शुल्क वसूला।
लोगों ने किचन तक गैस आपूर्ति के लिए हजारों रुपए मीटर और अन्य उपकरणों पर खर्च कर दिए। पर सुविधा आज तक नहीं मिली। परियोजना के अनुसार सूर्या एनक्लेव में पाइप लाइन के जरिए एचपीसीएल ने गैस सप्लाई करनी थी। इसके लिए इंप्रूवमेंट ट्रस्ट और एचपीसीएल में इकरार भी हुआ था।
एलपीजी स्टोरेज के लिए एचपीसीएल स्टील का बुलेट टैंक बना चुका है
समझौते के अनुसार एचपीसीएल ने कमल विहार श्मशानघाट के पास लाखों रुपए खर्च करके बुलेट टैंक बनवा लिया है। स्टील से बने कमरेनुमा बुलेट टैंक में गैस भरी जाएगी और दो लाइनों से घरों में सप्लाई दी जाएगी। एचपीसीएल के सेल्स आफिसर कहते हैं कि कंपनी गैस सप्लाई के लिए पूरी तरह तैयार है। बुलेट टैंक बना दिया है। काम अब ट्रस्ट को आगे बढ़ाना है।
ट्रस्ट के चेयरमैन ने कहा - विकास में टाइम तो लगता ही है
इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन बलजीत सिंह नीलामहल करते हैं कि लोग निराश न हों जल्द ही पाइप लाइन से गैस आपूर्ति होगी। हां, देर जरूर हुई है पर किसी नगर का विकास होने में समय तो कुछ लग ही जाता है। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट अपने वादे पर कायम है। एसई मुकुल सोनी ने बताया कि सूर्या एनक्लेव में अभी ६क् फीसदी हिस्सा भी विकसित नहीं हो पाया। उम्मीद है कि एक साल के भीतर यहां निर्माण हो जाएंगे। इसके बाद गैस की सप्लाई शुरू की जा सकेगी। बाउंड्री वाल भी जल्द ही बना दी जाएगी।
..और वादा यह भी था कि इसे एशिया की नंबर एक कालोनी बना देंगे
लोगों के अनुसार ट्रस्ट ने वादा किया था, सूर्या एनक्लेव में ऐसी सुविधाएं मिलेंगी जो इसे एशिया की नंबर-१ कालोनी बना देगी। पर हकीकत में यह किसी पिछड़े हुए इलाके जैसा दिखता है। खाली प्लाट हैं, जहां बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। कभी-कभार लोगों के घर में रेंगने वाले कीड़े और सांप तक घुस जाते हैं। न तो कालोनी की बाउंड्री वाल की गई और न ही सिक्योरिटी गेट लगाए हैं। अंडरग्राउंड बिजली की तारों का वादा करके कोठियों के साथ तारों के जाल बिछा दिए गए हैं।





