एमएमएस आते ही जाना खुल गया है किश्मत का ताला, दौड़ परे एटीएम की ओर

जुगियाल. जुगियाल स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के स्टाफ की गलती के कारण डैम कर्मचारियों के खाते में 9 करोड़ की राशि जमा हो गई। जिसे देखते हुए कर्मचारियों में खुशी का ठिकाना न रहा और उन्होंने एक ही दिन में लगभग 34 लाख रुपए निकाल लिए।
जानकारी के अनुसार 18 अक्टूबर को रणजीत सागर बांध परियोजना पर कार्यरत कर्मचारियों का ग्रेड-पे एरियर व वेतन की बकाया राशि से संबंधित करीब 1 करोड़ 98 लाख की फ्लापी जो आई थी।
बैंक स्टाफ ने इसे फीड करने की बजाए गलती से 9 करोड़ रुपए की वेतन संबंधी फलॉपी को कर्मचारियों के खाते में डाल दिया। एसएमएस मिलते ही कर्मचारियों में खुशी का ठिकाना न रहा। कर्मचारियों ने सोचा कि यह राशि बांध प्रशासन ने दशहरा व दीपावली पर्व को देखते हुए उनके खाते में डाली है। जिसके तहत एटीएम धारक कर्मचारियों ने 34 लाख रुपए की राशि निकाल ली।
जिनके पास एटीएम कार्ड नहीं थे, उनकी बैंक में पैसे निकलवाने के लिए लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई। कर्मचारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बैंक मैनेजर को गलती का एहसास हुआ और बांध कर्मचारियों के खाते सील कर दोबारा एरियर की फ्लापी जोड़ दी गई।
बता दें कि लगभग 6000 कर्मचारियों के खाते में यह राशि चली गई। इसमें 18 हजार से लेकर 1.50 लाख रुपए तक वेतन पाने वाले कर्मचारी शामिल हैं। बैंक द्वारा की गई इस गलती की व्यापार मंडल धार ब्लाक के प्रधान पवन कुमार रिशु ने निंदा की है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दिनों में ऐसी गलती करना कर्मचारियों के साथ एक मजाक है।
पैसे निकलवाने वालों से होगी रिकवरी
खातों में जमा हुई राशि को जिन कर्मचारियों ने निकलवा लिया है, अब उनकी बैंक द्वारा रिकवरी भी की जाएगी। जितने दिन तक उनका वेतन नहीं आता तब तक कर्मचारियों से ब्याज भी वसूला जाएगा। बैंक मैनेजर से इस संबंधी बात करनी चाही तो उन्होंने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया और लैंडलाइन के दोनों नंबरों को भी फैक्स पर लगा दिया।






