जस्टिस आरएस मलिक ने रिपोर्ट को रिकार्ड में लेते एसएसपी होशियारपुर को आदेश दिए हैं कि वह नाबालिग लड़की की मेडिकल जांच करवाएं व वहां के इलाका मजिस्ट्रेट के समक्ष लड़की व लड़की की मां को पेश कर उनके बयान दर्ज करें और इसकी पूरी रिपोर्ट अगली सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय में सौंप दी जाए। अगली सुनवाई 3 मार्च को तय कर दी गई है।
क्या है मामला : गढ़शंकर तहसील के सरहाला कलां गांव की आयशा बेगम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि उसकी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी जो दसवीं कक्षा में पढ़ रही है, का उसके पड़ोसी परिवार ने ही साजिश के तहत गत वर्ष 25 नवंबर को अपहरण कर लिया था। पुलिस व समाज में बदनामी के डर से उन्होंने उसकी शिकायत पुलिस में नहीं की।
इसी दौरान तीन जनवरी 2012 को अचानक उनकी बेटी वापिस अपने घर आ गई। उसकी शारीरिक व मानसिक हालत काफी खराब थी। बेटी ने अपनी मां को बताया कि उसके ही पड़ोसी ने उसे अगवा किया था और उसकी शादी बिना उसकी मर्जी के जबरदस्ती 35 वर्ष से अधिक के लड़के के साथ कर दी। इस दौरान इस युवक ने उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध भी बनाए। 3 जनवरी को वह किसी तरह इन लोगों की चंगुल से बचकर भागने में कामयाब हो गई।
कपूरथला या नवांशहर में जांच हो : एसएचओ
चब्बेवाल थाने के एसएचओ परम सुनील सिंह ने कहा कि आयशा बेगम जिस शादी को जबरन बता रही है, उस शादी में वह स्वयं भी उपस्थित थी। दरअसल आयशा बेगम की लड़की की शादी नवांशहर जिले के बिलगा गांव के 35 वर्षीय किसी सिख युवक के साथ हुई थी।
शादी भी होशियारपुर में नहीं बल्कि फगवाड़ा में हुई थी। ऐसे में जब शादी फगवाड़ा में व शादी के बाद लड़की नवांशहर जिले के बिलगा गांव में रही है, फिर इस मामले की सही मायने में जांच कपूरथला या नवांशहर पुलिस के समक्ष होनी चाहिए क्योंकि अपराध होशियारपुर जिले में हुआ ही नहीं है।