कुवैत में परमिंदर के साथ जो करतूत हुई उसे याद कर खा जाते हैं चक्कर

उड़ापड़.नजदीकी गांव लड़ोआ के रहने वाले अमृतधारी युवक परमिंदर सिंह के कुछ दिन पहले कुवैत की जेल में केश कत्ल कर दिए गए। इसके अलावा जेल अधिकारी की ओर से सिरी साहिब को कचरे में फेंक दिया। उधर, इस घटना का एसजीपीसी की ओर से सख्त नोटिस लिया गया है। एसजीपीसी के महासचिव सुखदेव सिंह भौर का कहना है कि मामला निंदनीय है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
गांव लड़ोआ के रहने वाले परमिंदर सिंह ने बताया कि वह दो दिन पहले ही कुवैत से लौटा है। करीब चार माह पहले वह अमृतसर के एक एजेंट के जरिये कुवैत गया था। एजेंट ने उसे टूरिस्ट वीजे पर कुवैत भेज दिया और उसे कहा गया कि उसका वीजा और बढ़ेगा। इसके बदले में एजेंट ने उससे एक लाख रुपए लिए। वहां जाने पर उसे कोई काम नहीं मिला और मालिक ने उसे पकड़वा दिया।
कुवैत की राजाम सपरा जेल में उसे बंद कर दिया और वहां के अधिकारियों ने उसके केश कत्ल कर दिए, जबकि सिरी साहिब को डंप में फेंक दिया। परमिंदर सिंह के मुताबिक इस घटना का विरोध करने पर अधिकारियों की ओर से उसे पीटा भी गया तथा कुवैत की जेलों में बंद हर सिख के साथ यह सब कुछ हो रहा है।
उधर, इस संबंध में संपर्क करने पर खालसा पंचायत के पदाधिकारी जरनैल सिंह ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि वे प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार के साथ बातचीत करेंगे और किसी भी देश में सिखों के साथ ऐसी घटना न हो और उनकी भावनाओं को ठेस न पहुंचे, इसके लिए पुख्ता कदम उठाए जाने की मांग करेंगे।






