शहर के अंदर चार प्रमुख पुलियां हैं। पुलियों के किनारे न तो रिफ्लेक्टर हैं और न ही दीवारें। कोहरे के सीजन में शाम छह बजे के बाद विजिबिलिटी इतनी कम रहती है कि इन पुलियों के पास से गुजरते हुए हादसे का भय रहता है।
वाहन चालक दो मीटर भी भटक गए तो सीधे नहर या गंदे नाले में जा गिरेंगे। हजारों लोग शाम ढलने के बाद या अलसुबह यहां से कोहरे के दौरान गुजरते हैं।
शायद! निगम के कोई अधिकारी इस रास्ते से कभी नहीं गुजरे- एक राहगीर ने टिप्पणी की।
देखिए इस खतरे की असली तस्वीर...