जालंधर। सिटी रेलवे स्टेशन के यार्ड में सोमवार की शाम मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। डिब्बों में रेल पटरियां लदी थीं। ट्रेन छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर से जालंधर आ रही थी। हादसा शाम 6.45 बजे हुआ, जब ट्रेन एक नंबर ट्रैक से यार्ड के छह नंबर ट्रैक पर जा रहा थी। इंजन यार्ड में पहुंच चुका था। लेकिन इसके ठीक पीछे वाले दो कोच पटरी से उतरे और ऊपर लदी पटरियां डिब्बों के बीच में फंस गईं। इस कारण अप और डाउन ट्रैक बाधित हो गया। करीब तीन घंटे बाद मालगाड़ी हट पाई, लेकिन इस कारण शताब्दी एक्सप्रेस समेत आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां प्रभावित हुईं। प्राथमिक जांच में पता चला है कि कांटा सही से जुड़ा न होने के कारण हादसा हुआ।
कोच नंबर एसई 94551 और एसई 112091 के दो पहिए पटरी से उतरे थे। इनमें बीच फंसी रेल लाइन को वेल्डिंग मशीन से काटकर अलग किया गया। फिर ट्रेन की दूसरी तरफ इंजन लगाकर ट्रेन को सीधे ट्रैक पर लाने की कोशिश हुई, पर विफल रहे। फिर जैक लगाकर कोच सीधा किया गया और गाड़ी आगे बढ़ पाई। तीन घंटे तक दो,तीन, चार और पांच नंबर ट्रैक बाधित रहा। बाद में मेन ट्रैक तो क्लियर कर दिए गए, लेकिन मालगाड़ी के एक कोच को हटाने का काम रात तक जारी था। इस दौरान सीनियर डिवीजनल मैकेनिकल इंजीनियर(डीएमई) एपी गौतम, सीनियर डिवीजनल ऑपरेटिंग मैनेजर(डीओएम) करण सिंह व डिवीजनल सेफ्टी ऑफिसर(डीएसओ) एमएस भुल्लर मौके पर पहुंच गए।
ये ट्रेनें प्रभावित हुईं
शताब्दी एक्सप्रेस एक घंटा देरी से गुजरी। जनसेवा एक्सप्रेस को चहेड़ू में रोका गया। पहले ही देरी से चल रही सचखंड एक्सप्रेस को फगवाड़ा, जनशताब्दी एक्सप्रेस को लुधियाना में रोका गया। बाद में इन्हें चलाया गया। इसी तरह जम्मू मेल को जालंधर शहर की बजाय कैंट स्टेशन से 10.20 बजे दिल्ली के लिए रवाना किया गया। इसमें बैठने वाले लोगों को गाड़ी पकड़ने के लिए सड़क मार्ग से जाना पड़ा। वहीं, अहमदाबाद से जम्मू जाने वाली ट्रेन को फिरोजपुर से कैंट और यहां से जम्मू भेजा गया। इसके अलावा सरयू यमुना एक्सप्रेस, चंडीगढ़ अमृतसर सुपर एक्सप्रेस, नई दिल्ली सुपर एक्सप्रेस और गरीब रथ भी देरी से चली।
मुकेरियां में धरना
मुकेरियां में फाटक पर हादसे के बाद सोमवार को वहां स्थानीय लोगों ने रेल लाइन पर धरना दे दिया। इस कारण जम्मू-कैंट रेल लाइन पर यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। इस कारण कैंट स्टेशन पर लोग परेशान हुए।