जालंधर. मतदान समाप्त हो गया, प्रत्याशियों ने चैन की सांस ली। चैन इतनाभर कि दिनभर प्रचार और रात में मनुहार आज से नहीं करनी पड़ी। पर आंकड़े हैं कि अब भी उलझाए हुए हैं। खासतौर से उन प्रत्याशियों को जिनके जीतने की संभावना है। मतदान प्रतिशत में उछाल ने आंकड़ों को नए सिरे से समझने के लिए मजबूर कर दिया है।
सेंट्रल, नॉर्थ और कैंट हलके में चार से प्रतिशत ज्यादा मतदान पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में हुआ है। अकाली-भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी इसे अलग-अलग तरह से समझ रहे हैं। अकाली-भाजपा वाले मान रहे हैं कि यह हमारे माफिक है, कांग्रेस का तर्क है कि ज्यादा मतदान यानी एंटी इनकंबेंसी फैक्टर। वेस्ट हलके में कम मतदान को भी कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवार अपने हिसाब से फिट मानकर चल रहे हैं। किसके आंकड़े दुरुस्त रहेंगे, यह छह मार्च को पता चलना है। बहरहाल, मंगलवार को प्रत्याशियों ने शरीर को आराम देने के तमाम नुस्खे अपनाए।