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खुल गई पंजाब सरकार की कलई... 400 पुलिस वाले निकले दागी

नरिंद्र शर्मा | Dec 10, 2012, 05:43AM IST
खुल गई पंजाब सरकार की कलई... 400 पुलिस वाले निकले दागी
बठिंडा। जब खाकी ही गंभीर आपराधिक आरोपों से रंगी हो तो आम जनता सुरक्षा की अपेक्षा किससे करे। पंजाब पुलिस के डीजीपी सुमेध सैणी समेत करीब 400 पुलिस मुलाजिम और अफसरों पर विभिन्न मामलों में केस चल रहे हैं।
 
इनमें 11 आईपीएस और 58 पीपीएस अफसरों पर तो  हत्या, अपहरण, तस्करी, फर्जी मुठभेड़ और टाडा के तहत संगीन मामले दर्ज हैं। 
 
इंस्पेक्टर, एसआई, एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। अंडर ट्रायल होने के बावजूद इनमें से अधिकांश अपने पदों पर बने हुए हैं। कुछ तो प्रमोट होकर डीएसपी, एसपी और डीआईजी भी बन चुके हैं। यह खुलासा राइट टू इंफरमेशन एक्ट 2005 के तहत पुलिस विभाग की तरफ से मुहैया करवाई गई जानकारी में हुआ है। 
 
लुधियाना पुलिस पर भ्रष्टाचार के ज्यादा केस
 
कुछ अफसरों की केस हिस्ट्री
 
केस 1. टांडा (होशियारपुर) थाने के अंतर्गत 5 मई 1996 को एक युवक की अपहरण के बाद हत्या और फिर शव खुर्दबुर्द करने के आरोप में तत्कालीन एसपी एसपीएस बसरा, जसपाल सिंह पीपीएस, अजीत सिंह संधू और सरदूल सिंह पर केस दर्ज हुआ था। केस दर्ज करने के निर्देश अदालत ने दिए थे। इस मामले में सरदूल सिंह व अजीत सिंह संधू की मौत हो चुकी है। पीपीएस जसपाल सिंह पर दो अन्य सीबीआई जांच खुलने पर उन्हें डिसमिस कर दिया गया। एसपीएस बसरा केस में अंडरट्रायल होने के बावजूद पद पर बने हुए हैं। यही नहीं समय-समय पर उन्हें प्रमोशन भी मिलती रही। वर्तमान में एसपीएस बसरा डीआईजी एडमिन कमांडो बहादुरगढ़ (पटियाला) हैं। इनका केस सेशन कोर्ट होशियारपुर में विचाराधीन है। 
 
केस 2. पीपीएस बलवंत सिंह पर 21 दिसंबर 1993 में हत्या, अपहरण, शव खुर्दबुर्द करने सहित टाडा एक्ट तहत केस दर्ज हुआ था। तब वह डीएसपी थे। केस अभी अंडरट्रायल है। वर्तमान में वह एसपी हेड क्वार्टर फतेहगढ़ साहिब हैं। 
 
केस 3. पीपीएस गुरशरण सिंह बेदी पर 27 फरवरी 1997 में हत्या, शव खुर्दबुर्द करने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। तब वह डीएसपी थे। इसकी सुनवाई सीबीआई कोर्ट दिल्ली में चल रही है। वर्तमान में वह एसपी सीएम सिक्योरिटी चंडीगढ़ में तैनात हैं।
 
पांच आईपीएस तो हो चुके हैं रिटायर
 
जिन 11 आईपीएस पर सीबीआई केस चल रहे हैं। इनमें से पांच रिटायर हो चुके हैं जबकि 6 अभी भी अपने पद पर बने हुए हैं। इनमें  डीजीपी सुमेध सैणी का नाम भी शामिल है। इन पर सीबीआई केस आर-2 एस,1994/एसआईयूवी/एसआईसी2 नई दिल्ली में 18 अप्रैल 1994 से लंबित है। इसके अलावा आईपीएस जी.डी पांडे, आर.पी सिंह, दविंदर सिंह पर भी सीबीआई केस लंबित हैं। ये सभी अपने पदों पर तैनात हैं। 
 
आतंकवाद के दौर से चल रही जांचत्नपंजाब पुलिस के 42 वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच चल रही है। इनमें से अधिकांश पर आतंकवाद के दौर में फर्जी मुठभेड़ के आरोप लगे। मारे गए अधिकांश नौजवानों के परिजनों ने अदालतों व मानवाधिकार आयोग में केस दायर किए। इसके चलते अधिकांश पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई केस खुले।
 
कई सालों से यह केस सीबीआई के पास लंबित हैं। इनमें से एक 5 फरवरी 1997 को सीबीआई में दर्ज केस में एक साथ 23 पुलिस अधिकारी नामजद किए गए जबकि 7 आईपीएस अधिकारियों पर 1 सितंबर 2006 से सीबीआई के पास अपहरण के केस चल रहे हैं। इनमें से 4 अधिकारी विभाग से रिटायर्ड हो चुके हैं व एक की मौत हो चुकी है जबकि दो अभी भी सेवा में हैं। मगर आज तक सीबीआई का फैसला नहीं आया। 
 
कार्रवाई कर रहे हैं
 
सुखबीर बादल
उपमुख्यमंत्री
 
जिन अधिकारियों पर कोर्ट में आरोप सिद्ध हो जाते हैं। उन्हें तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर दिया जाता है। जिन पर दर्ज मामलों का कोर्ट में फैसला नहीं हुआ है। सिर्फ आरोप होने के चलते उन्हें पद से अलग नहीं किया जा सकता। कोर्ट में फैसला होने के बाद ही उन पर कार्रवाई हो सकती है। 
 

 

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