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किला रायपुर में नहीं दौड़ी बैलगाड़ियां

 
Source: भास्कर न्यूज   |   Last Updated 05:37(10/02/12)
 
 
 
 
किला रायपुर (लुधियाना). ग्रामीण ओलंपिक खेलों के नाम से मशहूर किला रायपुर खेल मेला फिर से विवादों में घिर गया है। वीरवार को किला रायपुर खेल मेले में पहुंचे खेल-प्रेमियों व दर्शकों को उस समय मायूसी का सामना करना पड़ा, जब पंजाब पुलिस के एसीपी गुरप्रीत सिंह वालिया ने डिप्टी डायरेक्टर पशु पालन विभाग पंजाब का एक नोटिफिकेशन लेकर प्रबंधकों को दिखाया।

नोटिफिकेशन के अनुसार इस मैदान में और पंजाब के किसी भी स्थान पर बैलों को मनोरंजन के लिए प्रयोग नहीं किया जा सकता। किला रायपुर के 75 वर्ष के इतिहास में पहली बार पशु पालन विभाग की रोक ने ग्रेवाल स्पोर्ट्स एसोसिएशन अधिकारियों व खेल प्रेमियों को मायूसी तो हुई है, पर इससे ज्यादा वहां पर आए बैलगाड़ी धावक के चेहरे मुरझा गए, क्योंकि ग्रामीण ओलंपिक खेलों की पहचान इन बैलगाड़ियों से ही बनी है। 75 वर्षो से चले आ रहे किला रायपुर खेलों में जहां पर लाखों की तादाद से खेल प्रेमी पहुंचते, वहीं इंटरनेशनल प्रेस मीडिया कवरेज करने के लिए पहुंचे थे।

1933 में किला रायपुर की शुरुआत में ही बैलगाड़ी दौड़ आरंभ हो गई थी, लेकिन आज एसीपी हलका गुरप्रीत सिंह व उनके साथ आए अधिकारियों ने आयोजकों को पशु पालन विभाग का नोटिफिकेशन दिया। जिसमें लिखा था बैलगाड़ी दौड़ को मनोरंजन का साधना के लिए उपयोग करना क्रिमिनल एक्ट होगा। जिसके चलते खेल आयोजकों ने वीरवार को बैलगाड़ी न दौड़ाने का निर्णय लिया। किला रायपुर के 75 वर्ष के इतिहास में पहली बार पशुपालन विभाग प्रिवेंशन ऑफ क्रूयलिटी टू एनीमल एक्ट का हवाला देकर बैलगाड़ी की दौड़ रद करने को कहा गया।
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
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