राज्यदिल्ली
मध्य प्रदेश
राजस्थान
छत्तीसगढ़
हिमाचल
पंजाब
हरियाणा
चंडीगढ़
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
महाराष्ट्र
गुजरात
जम्मू-कश्मीर
सावधान... पारा गिरने के बाद भी डेंगू मच्छर एक्टिव
विपन जंड
| Dec 10, 2012, 07:20AM IST

लुधियाना। माना जा रहा था कि जिस मच्छर को सेहत विभाग खत्म न कर सका, वह ठंड में खुद अपनी मौत मर जाएगा। लेकिन पारा गिरने के बाद भी डेंगू के केस लगातार सामने आ रहे हैं। मौजूदा तापमान में डेंगू के लिए जिम्मेदार एडिस एजिप्टी मच्छर का सक्रिय रहना मुमकिन नहीं होता। मगर डेंगू मरीज इस थ्योरी को हल्का कर रहे हैं।
अगर आंकड़ों की बात करें, तो पिछले एक सप्ताह में स्थानीय अस्पतालों में 12 नए डेंगू मरीजों की पुष्टि हो चुकी है।ये आंकड़ा और खतरा अभी थमता नहीं दिख रहा।
सेहत विभाग के डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि सिविल अस्पताल के सेंटिनल सर्विलेंस सेंटर में पांच मरीजों के सैंपल हैं। इनकी रिपोर्ट सोमवार को आएगी। यानी मरीज अभी और भी सामने आ सकते हैं। वहीं डिस्ट्रिक्ट एपिडिमोलॉजिस्ट डॉ. पुनीत जुनेजा तस्वीर का दूसरा स्याह पहलू दिखाते हैं।
उन्होंने बताया कि इन दिनों घर में टेंपरेचर दुरुस्त रखा जाता है। ऐसे में अगर कोई डेंगू मच्छर घर के अंदर हुआ, तो एक महीने तक जीवित रह सकता है। यानी सावधानी न बरती तो न्यू ईयर डेंगू के डंक में खराब हो सकता है।
नए नहीं पैदा हो रहे, पुरानों का ये काम
एडिस एजिप्टी मच्छर मौजूदा 25 से 6 डिग्री के तापमान में नहीं पनप पाता। डीएमसी के डॉ. दिनेश जैन के मुताबिक डेंगू के मच्छर का इंक्यूबेशन पीरियड अमूमन 7 से 10 दिन का होता है। कभी कभार इससे ज्यादा देर का भी केस आता है। मुमकिन है कि जो मरीज इन दिनों आ रहे हैं, उन्हें मच्छर ने हफ्ता दस दिन पहले काटा हो।
अब तक 394 मरीज
जुलाई से दिसंबर के पहले हफ्ते तक लुधियाना के हॉस्पिटल्स में डेंगू के 394 केस कन्फर्म हो चुके हैं। इनमें 150 मरीज लुधियाना के शहरी व 47 ग्रामीण इलाकों के हैं। बाकी 159 मरीज बाहर के हैं।






