लुधियाना। समराला चौक में शनिवार दोपहर स्क्रैप गोदाम में हुए विस्फोट में तीन लोगों की मौत और पांच लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि यह स्क्रैप कहां से आया था। शुरुआती जांच में पता चला है कि मजदूरों द्वारा सामान लादते समय विस्फोटक सामग्री मिली थी। इस घटना के कारणों से परदा उठाने के लिए पुलिस की जांच भी इसी बिंदु पर टिकी है। फोरेंसिक टीम इस संबंध में जांच कर रही है।
घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी गुरप्रीत सिंह तूर, एडी सीपी- 4 सुशील कुमार, एडीसीपी-1 निलाबंरी जगदले, एसीपी सेंट्रल रमनीश चौधरी, इंस्पेक्टर मंदीप सिंह, इंस्पेक्टर राज कुमार और इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह समेत जालंधर से फोरेंसिक टीम, बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गए। डीसीपी के मुताबिक मंजीत सिंह ने बताया कि उसके पास निकटवर्ती क्षेत्रों से लोग कबाड़ इकट्ठा करने के बाद उसे बेचते हैं। अब पुलिस यह पता करने में जुटी है कि मंजीत सिंह ने ये स्क्रैप कहां से खरीदा था। आसपास के लोगों ने बताया कि हादसे से पहले उसकी दुकान के पास 7-8 साइकिल खड़ी थी, जो उसे सामान बेचने के लिए आए थे। हादसे से कुछ समय पहले ही चाय वाला इन लोगों को चाय देकर गया। कुछ लोग बाहर आकर चाय पीने लगे। जबकि कुछ लोग अंदर काम करते रहे।
इस घटना में गोदाम के पास खड़े ट्रक का ड्राइवर बलवीर सिंह (35), शालिग्राम(35) और मजदूर किशोर(32) की मौत हो गई। जबकि घटना में मुकेश कुमार, राजेश कुमार, संत कुमार और मशीबुल गंभीर रूप से घायल हो गए हें।
फॉरेंसिक टीम के आने तक रुकी रही पुलिस की जांच
घटनास्थल पर पहुंचते ही पुलिस के उच्चाधिकारियों ने दुकान का शटर नीचे गिरा दिया और किसी को भी उसके निकट नहीं आने दिया। मौके पर पहुंची स्थानीय बम निरोधक टीम को भी रोके रखा गया। उच्चाधिकारियों का कहना था कि मिलिट्री व जालंधर से फॉरेंसिक टीम के आने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी। दो घंटे बाद टीम के आने पर ही अगली कार्रवाई शुरू हुई।
चाय के चक्कर में मुकेश हुआ घायल
विस्फोट में गंभीर रूप से घायल अकाउंटेंट मुकेश क्या जानता था कि चाय पीने के लिए रुकना उसके लिए घातक हो जाएगा। उसके एक साथी रमेश ने मुकेश को बुलाया था। मुकेश ने उसे कहा कि वह चाय पीकर आ रहा है। मुकेश को उसके साथ सीए के पास जाना था। उससे बात होने के कुछ देर बाद ही पता चला कि विस्फोट में मुकेश गंभीर रूप से घायल हो गया है। मुकेश के भाई रशपाल ने बताया कि मुकेश पिछले काफी समय से मंजीत व उसके आसपास की दर्जन से अधिक दुकानों पर अकाउंट्स का काम देखता था। उसका एक बेटा राहुल व बेटी रिया है। वह घर में अकेला ही कमाने वाला है।
क्या खाड़ी देशों से आया था स्क्रैप!
तीन साल पहले शहर की कुछ फैक्ट्रियों में एक के बाद एक विस्फोट हुआ था। तब जांच में पता चला था कि जिस कबाड़ में विस्फोट हुआ है वह खाड़ी देशों से आया है। उसके बाद खाड़ी देशों के कबाड़ पर रोक लगा दी गई थी। एक बार फिर से ऐसी स्थिति बनी है, जिससे लोगों को आशंका है कि खाड़ी देश से कबाड़ आ रहा है, जिसका नतीजा यह विस्फोट है। हालांकि फर्नेश इंडस्ट्री एसोसिएशन के पदाधिकारी केके गर्ग कहते हैं कि खाड़ी देश से कबाड़ नहीं आ रहा है। उनके अनुसार समराला चौक के पास कबाड़ की दुकान में जो विस्फोट हुआ है वह स्थानीय आर्मी डिपो से खरीदा गया कबाड़ हो सकता है।
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