अलॉटियों ने ग्लाडा के दबाए 24 करोड़
Source: यशपाल शर्मा | Last Updated 05:46(10/02/12)
लुधियाना. ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (ग्लाडा) से प्लाट व फ्लैट अलाट करवाने वाले ही विभाग का करीब 24 करोड़ रुपये दबा कर बैठ गए हैं। यह वह राशि है जो रिहायशी, कामर्शियल, प्लाट व फ्लैट की नीलामी या फिर ड्रा के जरिए अलाटमेंट के बाद 25 प्रतिशत राशि जमा करवाने के बाद अदा नहीं की गई।
करोड़ों रुपये की यह राशि पिछले कई सालों से ग्लाडा के रिकार्ड में बढ़ती चली जा रही है। इस बकाया राशि की वसूली में विभाग के अधिकारी भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं और आडिट शाखा की ओर से पेंडिंग राशि की रिकवरी न करने पर आब्जेक्शन उठाया गया है।
25 प्रतिशत अदायगी के बाद नहीं दी राशि
ग्लाडा के नीलामी में प्लाट लेने वालों से दस प्रतिशत राशि शामिल होते ही ले ली जाती है और इसके बाद बाकी की 15 प्रतिशत राशि कामयाब अलाटी से मौके पर ले ली जाती है। शेष 75 प्रतिशत राशि अलाटी को किश्तों में अदा करनी होती है। 24 करोड़ की ये राशि किश्तों के तौर पर विभाग को आनी थी, जो अब अलॉटियों पर बकाया खड़ी है। विभाग के पास 31 मार्च 2011 तक बकाया राशि का ब्यौरा कुछ इस तरह है। ये पूरा ब्यौरा कौंसिल आफ आरटीआई एक्टीविस्ट अरविंद शर्मा व रोहित सभ्रवाल की ओर से जुटाया गया है।
ग्लाडा के नियम का उठा रहे है फायदा
ग्लाडा के नियमों के तहत अगर किसी व्यक्ति ने कोई प्लांट व फ्लैट ड्रा के जरिए हासिल किया है और उसका 25 प्रतिशत विभाग को जमा करवाया हुआ हो तो ऐसे रद प्लाट को बहाल करवाया जा सकता है। इसके एवज में अलाटी को अतिरिक्त ब्याज राशि अदा करनी होती है। यही कारण है कि कई लोग इस नियम को जानते हैं और वे बकाया राशि अदा करने में अधिक बोझ नहीं डालते।
ऐसे अलॉटियों को विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जा चुके है और पहले से रिकवरी में भी तेजी आई है। इनमें से कई अलॉटियों के प्लाट तक रद किए जा चुके हैं।
जीत राम, ईओ ग्लाडा
किस पर कितना बकाया
श्रेणीबकाया
मकान14.50
रिहायशी प्लाट3.56
कामर्शियल प्लाट2.80
इंस्टीट्यूशन प्लाट1.01
ओयूवीजीएल स्कीम2.87
राशि करोड़ में