लुधियाना. सिविल अस्पताल में अन्न जल सेवा ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे निर्माण को सेहत विभाग ने बंद करवा दिया है। सात माह पूर्व सेहत मंत्री सतपाल गोसाईं ने ही इस जमीन पर ट्रस्ट के कार्यालय के निर्माण का शुभारंभ करवाया था। लेकिन अब सेहत विभाग ने इस निर्माण को अवैध करार देकर निर्माण कार्य बंद करने के आदेश दिए हैं।
अहम बात यह है कि नवंबर 2011 में चंडीगढ़ से आए आदेशों के बाद सिविल सर्जन ऑफिस से एसएमओ कर्मवीर गोयल को काम बंद करवाने के आदेश दिए गये थे, लेकिन तब इस पर ध्यान नहीं दिया गया। सिविल सर्जन ने अब दोबारा पत्र भेजकर काम बंद करवाने को कहा है। साथ ही यह भी आदेश दिए है कि अगर इस बारे में सरकार कोई एक्शन लेती है, तो इसके जिम्मेवार एसएमओ होंगे। अब इस मामले में अधिकारियों का कड़ा रूख देख कर अस्पताल प्रबंधन ने ट्रस्ट अधिकारियों को हिदायत जारी की है कि अगर उनके पास सरकारी जगह पर निर्माण संबंधी कोई कानूनी दस्तावेज है तो पेश करें। तब तक निर्माण कार्य बंद करवा दिया गया है।
गौर हो कि अन्न जल सेवा ट्रस्ट अस्पताल में भर्ती मरीजों को फ्री में खाना उपलब्ध करवाती है। मौजूदा समय संस्था का सारा काम अस्पताल की कैंटीन से संचालित होता है। तीन माह पहले अस्पताल में संस्था की अलग इमारत बनाने का काम शुरू हुआ था। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि उनके पास जगह अलाटमेंट के कागजात हैं। हालांकि अस्पताल के अधिकारी दबी जुबान में बताते हैं कि स्वास्थ्य मंत्री ने मौखिक रूप से इमारत बनाने की मंजूरी दी थी। जिस कारण चुनाव संपन्न होते ही सेहत विभाग द्वारा काम बंद करने के आदेश जारी किए गये हैं।
हमें काम बंद करने के कोई आदेश नहीं मिले हैं। वैसे भी इमारत का काम पूरा हो चुका है। सिविल अस्पताल में तीन एनजीओ काम कर रहे हैं। तीनों की अलग इमारतें बनी हैं। हमारी संस्था का मकसद सिर्फ गरीबों की मदद करना है। हमें सतपाल गोसाईं ने जगह अलाट की है। हमारे पास उसके कागजात हैं। इमारत के बाहर नींवपत्थर भी लगा है।
शिवराम सरोए,प्रधान अन्न जल सेवा सोसाइटी
हम जानते हैं, अन्न जल सेवा सोसाइटी लोगों की मदद कर रही है। पर हमें चंडीगढ़ से काम बंद कराने के लिखित आदेश आए हैं। अगर ट्रस्ट के पास जगह की अलाटमेंट के कानूनी दस्तावेज है तो पेश किए जायें। नहीं तो काम बंद करवा दिया जाये।
डॉक्टर सुभाष बत्ता, सिविल सर्जन