पाकिस्तान से इलाज को आई हानिया
Source: विपन जंड | Last Updated 06:49(09/02/12)
लुधियाना. मेरी झोली में कुछ अलफाज अपनी दुआओं के डाल देना ऐ दोस्त, क्या पता तेरे लब हिले और मेरी तकदीर संवर जाए।
दर्दे दिल के लिए दवाओं और दुआओं की ऐसी ही हसरत लिए कराची की तीन साल की हानिया शफीक सरहद पार कर लुधियाना पहुंची हैं। बच्ची का इलाज कर रहे पाकिस्तान के डॉक्टर उसके पिता मोहम्मद शफीक उर्र रहमान को उसे यूके, यूएसए या भारत ले जाने को कह चुके थे। छह महीने हो चुके थे, डॉक्टरों को सलाह दिए, पर रहमान करता भी क्या?
एक कंपनी में अकाउंटेंट के वेतन से इतना कहां मिल पाता है कि छह बच्चों के परिवार के पालन पोषण के बाद हानिया के इलाज के लिए भी पैसे जोड़ सके। हानिया की तबीयत बिगड़ती जा रही थी। वह खड़ी भी नहीं हो पा रही थी। इसी दौरान पाकिस्तान रोटरी क्लब के मार्फत रहमान को खबर मिली कि लुधियाना का हीरो डीएमसी हार्ट इंस्टीट्यूट उसकी बच्ची के इलाज में मदद करेगा।
रहमान के मुताबिक उसे विश्वास नहीं हुआ कि सरहद पार का एक अस्पताल उसकी बेटी के लिए इतना दर्द क्यों लेगा और वह भी उस देश का अस्पताल, जिसे सियासतदां उनका दुश्मन बताते हैं। खर्च में पाकिस्तान रोटरी क्लब व हीरो डीएमसी हार्ट इंस्टीट्यूट की मदद से हानिया मंगलवार रात इलाज के लिए अपनी मां आलिया शफीक व पिता मोहम्मद शफीक उर्र रहमान के साथ डीएमसी पहुंची। बुधवार को उसकी ईको हुई। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची के हार्ट वाल्व में लीकेज है। इससे उसे सांस लेने में तकलीफ, छाती जाम व ग्रोथ रुकने की समस्याएं आ रही हैं।