लुधियाना। वर्ल्ड कप कबड्डी में पंजाब व पाकिस्तानी पंजाब के नेताओं के एक मंच पर आने से आस जताई जा रही है कि इससे दोनों देशों के पुराने व पेचीदा मसलों को हल करने की शुरुआत होगी।
इतने बड़े मसले तो बाद की बात है, फिलहाल तो 15 दिसंबर को लुधियाना में कबड्डी कप की क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान वीवीआईपी गैलेरी में लगी कुर्सियों का मसला ही हल नहीं हो रहा।
समारोह में आने वाले पंजाब व पाकिस्तानी पंजाब के नेताओं की वीवीआईपी गैलेरी में कुर्सियों की सेटिंग फाइनल नहीं हो पा रही। कभी गैलेरी में कुर्सियों की संख्या पर मामला उलझ जाता है तो कभी इनकी ऊंचाई पर माथापच्ची होती है, ताकि नेताओं को गैलेरी से स्टेज सीधी दिखे।
सोमवार को स्टेडियम में तैयारियों का जायजा लेने आए डिप्टी सीएम सुखबीर बादल भी वीवीआईपी गैलेरी की कुर्सियों को लेकर ही फिक्रमंद दिखे। सात मिनट के दौरे में सुखबीर सिर्फ वीवीआईपी गैलेरी में गए। अफसरों के साथ कुर्सियों की संख्या बढ़ाने को लेकर चर्चा की। अपने सामने अतिरिक्ति कुर्सियों की एडजस्टमेंट कराई और लौट गए।
सिटिंग अरेंजमेंट ही देखने आए थे डिप्टी सीएम
डिप्टी सीएम जायजा लेकर कार में बैठकर लौट गए, पर उनके साथ आए लोकसंपर्क मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया से सवाल किया गया कि कुर्सियों की सेटिंग को लेकर इतनी दिलचस्पी क्यों? बाकी स्टेडियम का जायजा क्यों नही लिया तो मजीठिया ने कहा कि पाकिस्तानी पंजाब से मुख्यमंत्री, उनके परिवार वाले व मंत्रियों समेत अफसर आ रहे हैं। पड़ोसी के स्वागत में कोई कमी न रहे, इसलिए आज के दौरे का मकसद सिर्फ उनका सिटिंग अरेंजमेंट देखना था।
सुखबीर को भी मिली निराशा
डिप्टी सीएम के दौरे के बाद क्रांतिकारी बदलाव ये हुआ है कि वीवीआईपी गैलेरी में 22 की बजाय अब 28 कुर्सियां लगेंगी। गैलेरी में पहली कतार में छह की बजाय आठ, दूसरी व तीसरी कतार में आठ की बजाय दस कुर्सियां लगेंगी। डिप्टी सीएम ने दूसरी व तीसरी कतार में चार-चार कुर्सियां और लगवाने के लिए कहा, तो अधिकारियों ने कहा कि यह मुमकिन नहीं है। इस पर सुखबीर ने खुद अपने सामने और कुर्सियां एडजस्ट कराकर देखी तो वहां दो-दो कुर्सियां ही और आ सकी। गैलेरी के नीचे भी मेहमानों के लिए कुर्सियां लगाने को कहा।
बता दें कि पिछले कबड्डी कप में वीवीआईपी गैलेरी की कुर्सियों का लेवल स्टेज से नीचे होने की वजह से डिप्टी सीएम व मेहमानों को कार्यक्रम देखने में दिक्कत आई थी। इसलिए इस बार कुर्सियों को लेकर ज्यादा माथापच्ची हो रही है। इस पर मजीठिया ने कहा कि पाकिस्तान से खास मेहमान आ रहे हैं, इसलिए उनके बैठने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब हम पाकिस्तान के दौरे में गए थे, तो हमारी आवभगत में कोई कमी नहीं थी। हम भी पड़ोसी का वैसा ही सत्कार करना चाहते हैं।