धमकी के कारण ‘ओह माय गॉड’ नहीं हो सकी रिलीज

लुधियाना।हिंदू संगठनों की धमकी के चलते शुक्रवार को फिल्म ‘ओह माय गॉड’ रिलीज न हो सकी। पुलिस ने दावा किया कि सिनेमा मालिकों ने सहमति से ही फिल्म न दिखाने का निर्णय लिया है। हिंदू संगठनों के तेवर व पुलिस के नकारात्मक रवैये को देखते हुए सिनेमा प्रबंधकों ने नई फिल्म पिंकी मोगे वाली व चल रही फिल्मों को ही जारी रखने में भलाई समझी। सिनेमा प्रबंधकों ने फिल्म न रिलीज होने की पुष्टि की। उनका कहना था कि शुक्रवार सुबह ही उन्हें फिल्म न दिखाने के लिए कहा गया। मजबूरी में पहले से चल रही फिल्में ही जारी रखी गईं। जिन लोगों की एडवांस बुकिंग हुई थी उन्हें हमने रिफंड लेने के लिए कह दिया या फिर नई रिलीज हुई फिल्म पिंकी मोगे वाली देखकर दर्शकों ने संतोष किया। उधर हिंदू संगठनों ने प्राचीन संगला वाला शिवालय में मीटिंग के दौरान फिल्म से जुड़े सभी लोगों पर पर्चा दर्ज करवाने के लिए विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों में से एक-एक सदस्य लेकर एक्शन कमेटी का गठन महंत नारायण दास पुरी की अध्यक्षता में किया।
ये लोग हैं कमेटी में शामिलकमेटी में शिवसेना के राजीव टंडन, विश्व हिंदू परिषद नेता रविंदर अरोड़ा, हिंदू सिख जागृति सेना के अध्यक्ष प्रवीण डंग, भाजपा नेता नीरज वर्मा, हिंदू उत्थान परिषद के विनोद जैन, बलजीत सिंह जस्सियां, आरडी पुरी, मनोज भाटिया, कृष्ण शर्मा व अनिल शर्मा शामिल किए गए।
उधर, सिनेमा हॉल पहुंचे दर्शकों ने कहा कि फिल्म देखें या न देखें चंद लोग यह फैसला कैसे ले सकते हैं। ऐसे में सेंसर बोर्ड का औचित्य खत्म हो जाता है। (ओएमजी का फिल्म रिव्यू पढ़ें पेज ५ पर)
सीधी बात- हरमोहन सिंह संधू एडीसीपी क्राइम
सवाल : ‘ओह माय गॉड’ पर पाबंदी क्यों लगाई गई?
जवाब : हमने पाबंदी नहीं लगाई।
सवाल : फिर फिल्म क्यों नहीं रिलीज की गई?
जवाब : वीरवार रात को हिंदू संगठनों के साथ सिनेमा प्रबंधकों ने भी फिल्म देखी थी। इसमें आपत्तिजनक सीन देखकर उन्होंने खुद ही इसे रिलीज करने में असहमति जता दी।
सवाल : अब फिल्म कब रिलीज होगी?
जवाब : हिंदू संगठन व सिनेमा मालिकों की सहमति से ही फिल्म रिलीज की जाएगी।
सवाल : क्या सिनेमा मालिकों ने सुरक्षा मांगी थी।
जवाब : नहीं, उन्होंने खुद ही इसे न दिखाने का निर्णय लिया था।
सवाल : क्या आपत्तिजनक सीन काटकर इसे रिलीज नहीं किया जा सकता था?
जवाब : संगठन प्रतिनिधियों के साथ मैंने फिल्म देखी थी। फिल्म में एक दो नहीं 60 के करीब सीन आपत्तिजनक थे। इन सीन को काटने के बाद फिल्म में बचता ही कुछ नहीं था।







