हुक्का बारः निकलेगा 200 का दम
Source: विपन जंड | Last Updated 02:56(22/02/12)
लुधियाना. लुधियाना में हुक्का बार संचालकों की होशियारी ज्वाइंट टास्क फोर्स को भारी पड़ रही है। संचालक रेस्टोरेंट की आड़ में हुक्का पिलाते हैं। वे परिसर को सीधे तौर पर हुक्का बार का नाम देते ही नहीं। सेहत विभाग, पुलिस, लीगल डिपार्टमेंट व एनजीओ की टॉस्क फोर्स जब छापा मारने जाती है, तो वह संचालक पर सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान कराने से ज्यादा कार्रवाई नहीं कर पाती।
हुक्के के एक घंटे के ही तीन से पांच सौ रुपये वसूलने वाला संचालक मौके पर दो सौ रुपये जुर्माना भर अफसरों को वापस लौटा देता है। हुक्के के दो सैंपल भरे तो उसकी रिपोर्ट आज तक नहीं आई। नतीजतन कार्रवाई के बाद भी हुक्कों की गुड़गुड़ बंद नहीं हो पा रही है।
अब सेहत विभाग के अधिकारियों ने इंदौर, जयपुर, गुड़गांव व पंचकूला में की तर्ज पर लुधियाना में भी में धारा 144 के तहत हुक्कों पर पाबंदी के आदेश जारी कराने के लिए कानूनी पहलुओं पर विचार शुरू कर दिया है। एक अधिकारी ने गुड़गांव प्रशासन से संपर्क कर पाबंदी लगाने के कानूनी नुक्ते भी पूछे हैं। अफसरों के मुताबिक धारा 144 लागू होने पर रेस्टोरेंट में हुक्के बरामद होने पर वे संचालक पर 144 के आदेशों की अवमानना का पर्चा भी दर्ज करा सकेंगे।
बार-बार रेड के बाद भी नहीं बंद हो रहे हुक्के
हुक्का बार पर शिकंजा कसने के लिए सेहत विभाग, पुलिस, लीगल डिपार्टमेंट, प्रशासनिक अफसर, एनजीओ की टॉस्क फोर्स एक साथ जाती है। छापेमारी में जितना जुर्माना वसूल होता है, उससे ज्यादा तो टीम की छापेमारी में इस्तेमाल गाड़ियां में पेट्रोल खप जाता है। रोजाना हजारों कमा कभी कभार दो सौ रुपये जुर्माना भरने को संचालक महंगा सौदा नहीं मान रहे। यही वजह है कि शहर के आठ रेस्टोरेंटों में से ज्यादातर में हुक्के की गुड़गुड़ बार बार रेड के बाद भी बंद नहीं हो रही।
जायज है पाबंदी
गुड़गांव व इंदौर में डीसी, पंचकूला व जयपुर में पुलिस कमिश्नर हुक्का बार पर धारा 144 के तहत पाबंदी लगा चुके हैं। इंदौर में इस पाबंदी के खिलाफ कुछ संचालक एमपी हाईकोर्ट भी चले गए थे, मगर उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
भले ही पंजाब में किसी डीसी ने धारा 144 के तहत आर्डर जारी नहीं किए हैं, पर हुक्का बार यहां भी नहीं चलाए जा सकते। किसी भी संचालक ने सीधे तौर पर हुक्का बार नहीं खोल रखा बल्कि वे रेस्टोरेंट की आड़ में हुक्का पिलाते हैं। रेस्टोरेंट को विभाग बंद नहीं करा सकता लेकिन वहां हुक्के के इस्तेमाल को सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान की श्रेणी में रख चालान काट दिया जाता है।
डॉ.जेपी सिंह, डायरेक्टर हेल्थ