पावरकॉम के इंजीनियर्स की भर्ती खारिज करेगी सरकार
चंडीगढ़. पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन में असिस्टेंट व जूनियर इंजीनियर्स की भर्ती खारिज होगी। भर्ती के लिए ली गई परीक्षा खारिज करने को लेकर दायर याचिकाओं पर मंगलवार को पंजाब सरकार की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में यह जानकारी दी गई। सरकार की ओर से कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया खारिज करने को लेकर उसकी ओर से बुधवार को अर्जी दायर की जाएगी। पावर कॉर्पोरेशन ने भी यह भर्ती को खारिज करने का फैसला लिया है। इस दलील पर हाईकोर्ट ने बुधवार केलिए इस मामले पर अगली सुनवाई तय की है।
यह है मामला: अलग - अलग याचिकाओं में कहा गया कि कॉरपोरेशन ने 385 असिस्टेंट इंजीनियर व 330 जूनियर इंजीनियर भर्ती करने के लिए 10 मई 2012 को आवेदन मांगे थे। इसके बाद 14 व 15 जुलाई को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी।
ये हैं आरोप
याचिका में कहा गया कि प्रश्न पत्र परीक्षा केंद्र से ही मोबाइल मल्टीमीडिया मैसेजिंग सर्विस (एमएमएस) के जरिए लीक कर दिया गया और उम्मीदवारों ने एसएमएस के जरिए प्रश्नों के जवाब हल किए। लगभग 14000 उम्मीदवार इस परीक्षा में बैठे थे।
दोबारा परीक्षा की मांग
याचिकाओं में कहा गया कि बड़े स्तर परीक्षा मेंं हुई धांधली के चलते 26 जुलाई को तैयार की गई मेरिट सूची को खारिज किया जाए और नए सिरे से भर्ती के लिए परीक्षा करवाई जाए। याचिका में मांग की गई कि इस दौरान चयन संबंधी प्रक्रिया पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।
पीसीएस की प्राथमिक परीक्षा पर फैसला सुरक्षितपंजाब सिविल सर्विसेस (पीसीएस एग्जीक्यूटिव ब्रांच) की प्राथमिक परीक्षा में खामियों पर एक्सपर्ट कमेटी गठित किए जाने की मांग संबंधी अलग अलग याचिकाओं पर मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। होशियारपुर निवासी सुरेंद्र पाल व अन्य की तरफ से दाखिल याचिका में कहा गया कि 14 सितंबर 2012 को पीसीएस व अन्य संबंधित 160 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए थे। कुल 160 पदों में से 79 पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित रखे गए थे।
गत वर्ष हुई थी परीक्षा
25 नवंबर 2012 को प्राथमिक परीक्षा का आयोजन किया गया था। दो दिन बाद 27 नवंबर को आयोग ने सभी प्रश्न व उनके उत्तर अपनी सरकारी वेबसाइट पर डाल दिए। कई सवालों के जवाब में गलती पाई गई। आयोग ने जहां 6 प्रश्नों को गलत मानते हुए उनके अंक सभी उम्मीदवारों को दिए वहीं याचियों का कहना है कि 16 ऐसे प्रश्न हैं जिनमें खामियां है। ऐसे में एक्सपर्ट कमेटी को मामला रेफर किया जाया। जस्टिस एजी मसीह ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मंगलवार को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया।






