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बादल को पीएम की सलाह एफडीआई को लागू करें

भास्कर न्यूज | Dec 09, 2012, 02:31AM IST
बादल को पीएम की सलाह एफडीआई को लागू करें
लुधियाना/नई दिल्ली.  रिटेल में एफडीआई किसानों और उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद है। इससे कृषि क्षेत्र में उन्नत तकनीक आएगी और किसान खाद्यान्न भंडारण व आपूर्ति प्रबंधन सीख सकेंगे।
 
रिटेल में एफडीआई का पंजाब के किसान संगठनों ने भी खुलकर समर्थन किया है। यह बात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को लुधियाना में पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (पीएयू) के स्वर्ण जयंती समारोह में कही। समारोह में मुख्यातिथि प्रधानमंत्री ने कहा कि पंजाब को रिटेल में एफडीआई का पूरा लाभ उठाना चाहिए।
 
बेहतर रेल और सड़क नेटवर्क से इसमें मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि और कृषि क्षेत्र में चार फीसदी वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।  उम्मीद है कि पंजाब दोनों मोर्चो पर अच्छा करने की कोशिश करेगा।
 
रिटेल में एफडीआई का पूरा फायदा उठाना चाहिए। इससे खाद्यान्न बर्बाद होने से रोका जा सकेगा। उचित भंडारण न होने के कारण बड़े स्तर पर खाद्यान्न बर्बाद हो रहा है।’ इस मौके पर प्रधानमंत्री को देश में आर्थिक सुधारों का जनक बताते हुए यूनिवर्सिटी ने ‘डॉक्टर ऑफ साइंस’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल को भी यूनिवर्सिटी ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि दी।
 
इस मौके पर राज्यपाल और पीएयू के चांसलर शिवराज पाटिल, केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी, डॉ. राजिंदर सिंह परोधा, डॉ. जसवंत सिंह कंवर और अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
 
पैकेज पर चुप्पी साधी  
 
पीएयू में प्रधानमंत्री ने फसली चक्र बदलने और गिरते भूजल पर चिंता जताई पर मुख्यमंत्री द्वारा मांगे गए 5000 करोड़ के पैकेज पर चुप्पी साध ली। उन्होंने न पैकेज पर कुछ बोला और न पीएयू को पक्की ग्रांट का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान गेहूं और चावल पर ही निर्भर न रहकर अन्य फसलों की पैदावार में रुचि लें।
 
हालात न सुधरे तो बिगड़ेगी व्यवस्था
 
कृषि को घाटे का सौदा करार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हालात जल्द न सुधरे तो कानून व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। पंजाब के 2 लाख किसान खेती छोड़ चुके हैं। किसानों पर 35000 करोड़ का कर्ज है।
 
केंद्र का मुंह देखने की मजबूरी
 
बादल ने कहा, चाहे कृषि स्टेट सब्जेक्ट है पर सस्ते डीजल, खाद और एमएसपी में बढ़ोतरी के लिए केंद्र का मुंह देखना पड़ता है। विकसित देशों में कृषि पर सब्सिडी बढ़ाई जा रही है पर यहां कैंची चलाई जा रही है।
 
..मैंनूं तां डॉक्टर ऑफ पालिटिक्स दी डिग्री दिओ
 
डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद डिग्री मिलने पर बादल ने कहा, ‘मैं तां सिंपल ग्रेजुएट हां, मैंनूं डॉक्टर ऑफ पालिटिक्स दी डिग्री दे दिओ।’ उन्होंने कहा, पता नहीं था कि यहां डॉक्टर ऑफ साइंस की डिग्री मिलनी है। वरना मना कर देता। मुझे तो सिर्फ पालिटिक्स आती है। इसमें चाहे डिग्री दे दो।
 
एफडीआई पर प्रतिक्रिया
 
 
एनडीए केंद्र की सत्ता में आया तो रिटेल में एफडीआई के फैसले को रद्द किया जाएगा। नई नीति में घरेलू संसाधनों के बेहतर उपयोग की व्यवस्था होगी। एफडीआई पर अंतिम फैसला देश की जनता करेगी।
 
-शरद यादव, एनडीए संयोजक
 
 
दो तिहाई सांसदों ने फैसले का विरोध किया। फिर भी संसद में यह पास हो गया। सदन में सरकार की जीत फ्लोर मैनेजमेंट नहीं फंड मैनेजमेंट था।’ भाजपा लोगों को बताएगी कि रिटेल में एफडीआई से कितना नुकसान होगा।
 
-मुख्तार नकवी, भाजपा प्रवक्ता
 
रिटेल में एफडीआई पर जनमत संग्रह होना चाहिए। सरकार ने इस मुद्दे पर बसपा और सपा पर सीबीआई का दबाव बनाकर बहुमत हासिल किया। इस मुद्दे पर संसद में ठीक से बहस भी नहीं हुई है।
 
-अरविंद केजरीवाल, संयोजक आप
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