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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दिया पंजाब सरकार को नोटिस
भास्कर न्यूज
| Oct 17, 2012, 03:35AM IST

याचिका में कहा गया है कि 19 सितंबर 1997 को पंचायत सचिवों के पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। 12 अक्टूबर 2001 को 909 पंचायत सचिवों की नियुक्ति की गई। नियुक्ति में धांधली पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसके बाद 14 जून 2002 को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने एफआईआर दर्ज की। कोई कार्रवाई न होने के चलते सीबीआई ने 26 जून 2003 को एफआईआर दर्ज की।
इसी दौरान 10 दिसंबर 2002 को पंचायत सचिवों की सेवा समाप्त कर दी गई। इसके बाद 19 फरवरी 2004 को पंचायत सचिवों को छह माह की एक्सटेंशन पर नौकरी में रख लिया गया। इसके बाद से पंचायत सचिवों को पद पर एक्सटेंशन जारी है। अब 810 पंचायत सचिवों को डिसमिस करने का फैसला वापस लेकर उन्हें नौकरी में रख लिया गया है।
याचिका में कहा गया है कि पंजाब सरकार का यह मनमाना फैसला है जिसे खारिज किया जाए। याचिका पर प्राथमिक सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस एके सीकरी व जस्टिस आरके जैन की खंडपीठ ने पंजाब सरकार को 30 नवंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।







