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अब रात में चमकाई जाएगी सड़कें, मशीनों के ऊपर होगी जिम्मेदारी
यशपाल शर्मा | Dec 10, 2012, 07:13AM IST

लुधियाना। देश के मेट्रोपॉलिटन सिटीज की तर्ज पर लुधियाना की सफाई व्यवस्था भी हाईटेक होने जा रही है। जल्द ही शहर की मुख्य सड़कों की सफाई रात के वक्त ऑटोमेटिक मशीनों के जरिए होगी।
इन मशीनों में लगे ब्रश और वैक्यूम सड़क पर पड़ी धूल मिट्टी के अलावा रैपर और पॉलीथीन जैसा हल्का कूड़ा भी खींच लेंगे। नगर निगम इस प्रोजेक्ट को अंतिम रूप देने में लगा है।
निगम इसमें उत्साह दिखा रहा है क्योंकि प्रोजेक्ट प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया जाएगा।यानी निगम को इसमें अपनी पूंजी खर्च नहीं करनी पड़ेगी। इसके अलावा इसके लागू होने के बाद निगम के खर्च में भी कटौती आएगी।
सूत्रों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के लिए निगम के पास कई कंपनियों ने आवेदन भेजे हैं। फिलहाल प्रोसेस को आगे बढ़ाने के लिए एक अनुभवी प्रोजेक्ट सलाहकार को नियुक्त करने की प्रक्रिया जारी है।
एक किमी मेन रोड की सफाई पर खर्च होता है 10 हजार महीना
एक अनुमान के मुताबिक निगम का एक मुलाजिम महीने भर में करीब एक किलोमीटर मेन रोड की सफाई करता है। इस लिहाज से निगम को हर महीने एक किलोमीटर सड़क की सफाई पर करीब 10 हजार से ज्यादा का खर्च आता है।
कई बार ये खर्च और बढ़ जाता है क्योंकि पुराने मुलाजिमों का वेतन 18 हजार रुपए से भी अधिक है। प्रस्तावित पीपीपी मॉडल में एक किलोमीटर मुख्य सड़क की सफाई पर एक महीने में औसतन 5 से 8 हजार रुपये खर्च होंगे।
रात में होगी सफाई, ट्रैफिक से बचने को
मुख्य सड़कों की सफाई का ठेका लेने वाली प्राइवेट कंपनियां कम से कम तीन ऑटोमेटिक मशीनों का इस्तेमाल करेंगी। 50 लाख लागत वाली ये मशीनें रात के वक्त काम करेंगी, क्योंकि उस समय ट्रैफिक लोड कुछ कम होता है। प्रोजेक्ट के शुरुआती दौर में माल रोड, कॉलेज रोड, सराभा नगर, मॉडल टाउन, घुमारमंडी, फिरोजपुर मेन रोड की सफाई की जाएगी।
अब तक रेहड़ा ही बनता था बैरिकेड
नगर निगम के सफाई कर्मियों के लिए अब तक मुख्य सड़कों की सफाई का काम आसान नहीं रहा। यहां हमेशा ट्रैफिक लोड रहता है। सुबह के वक्त जब सफाई होती है, तब भी रश के चलते काम प्रभावित होता है। सफाई कर्मचारी कई बार एक्सिडेंट के चलते चोटिल भी हो जाते हैं। दरअसल सफाई के दौरान ये कर्मचारी मुख्य सड़कों पर बैरिकेड नहीं लगाते। सुरक्षा के लिए सड़क पर रेहड़ा खड़ा कर दिया जाता है। कई बार रफ्तार में आ रही गाड़ियां इनमें टक्कर मार देती हैं, जिसके चलते हादसा हो जाता है।
तंग बाजार की सफाई 2 शिफ्टों में
शहर के अंदरूनी तंग बाजारों की सफाई का सिस्टम भी निगम बदलने की तैयारी में है।नई व्यवस्था में बाजारों की सफाई दो शिफ्ट में होगी। पहली शिफ्ट सुबह 7 से दोपहर 2 बजे तक।दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 से रात 9 बजे तक।निगम ने नई व्यवस्था के लिए इन इलाकों के दुकानदारों से संपर्क करना शुरू कर दिया है।दुकानदारों को कहा जा रहा है कि कि वे सुबह सफाई के दौरान कूड़ा सड़कों पर न फेंकें। इसे एक डस्टबिन में इकट्ठा कर लें, जिसे निगम के सफाई मुलाजिम दोपहर में उठा लेंगे।इसके अलावा निगम शहर की सफाई पुख्ता बनाने को शनिवार व रविवार को भी मुलाजिमों से काम लेने पर विचार कर रही है। इसके लिए मुलाजिमों को अन्य दिनों में छुट्टी एडजस्ट करने पर चर्चा चल रही है।






