पंजाब की पाक धरती पर कहने को यूं तो एक से बढ़कर एक सूरमा और बड़ी-बड़ी शख्सियतें हुईं मगर उनमें से एक अजेय-अमर पात्र ऐसा भी है जिसके बारे में हम सब जानते तो हैं फिर भी कुछ बातें ऐसी हैं जिनके बारे में बहुत कम कहा-सुना गया है।
यहां बात हो रही है मुगिलया दौर में शासकों के दमन चक्र और विशेषकर महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के खिलाफ उठ खड़े हुए एक मसीहा की। वो मसीहा जो न सिर्फ अन्याय पर उतारू शासन के खिलाफ खड़ा हो उठता है, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग, विशेषकर महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों का सरेआम विरोध करता है।
बहादुर इतना कि अकेले अपने दम पर अकबर काल के मजबूत मुगलिया सल्तनत की ईंट से ईंट बजा देता है। महिलाओं के खिलाफ उस दौर में प्रचलित हरम परंपरा पर प्रहार करने वाला यह शख्स कोई और नहीं, बल्कि भट्टी राजपूतों की शान दुल्ला भट्टी हैं। दुल्ला कितने प्रासंगिक हैं, इस बात का सबूत हर साल उनकी याद में मनाया जाने वाला त्योहार लोहड़ी है, जिसकी धूम पंजाब के साथ-साथ देश से लेकर विदेशों तक रहती है।
आइये आगे की स्लाइड्स में जानते हैं दुल्ला भट्टी के बारे में और उनसे जुड़े कुछ रोचक तथ्य जो आपको मुगलिया दौर में ले जाएंगे...