बम ब्लास्ट मामले में फरार आतंकी 27 साल बाद गिरफ्तार

चंडीगढ़. कुरुक्षेत्र के शाहबाद मारकंडा में बस में बम ब्लास्ट करने के मामले में भगोड़ा आतंकी संतोख सिंह घटना के 27 साल बाद शुक्रवार देर रात पुलिस के हत्थे चढ़ा। 10 मई 1985 को हुई इस घटना में दो लोगों की जान गई थी। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था लेकिन संतोख भाग निकला था। कई साल से वह चंडीगढ़ में नाम बदलकर बलवंत सिंह बनकर रह रहा था। खुद को फ्रीलांस पत्रकार बताता था। पुलिस ने संतोख को सेक्टर-37 में कार में घूमते पकड़ा। उसके पास से एक लोडेड पिस्टल, एक राइफल, 21 कारतूस, फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं।
संतोख ने बताया कि उसने और भी कई हथियार शिमला के पास एक गांव में छिपा रखे हैं। पुलिस के मुताबिक संतोख सिंह पंजाब में दोबारा आतंकवाद फैलाना चाहता था। वह युवाओं को अवैध हथियार मुहैया करवाता था।
कैनेडा-जर्मनी से आर्थिक मदद : संतोख ने बताया कि उसे कैनेडा और जर्मनी में बैठे खालिस्तान समर्थक गुरदीप सिंह, अमरजीत सिंह और काबुल सिंह पैसे भेजते थे। संतोख ने वर्ष 1984 में पंजाब के तत्कालीन डिप्टी स्पीकर के जमाई का भी कत्ल किया था। डीएसपी क्राइम सतबीर सिंह ने बताया कि संतोख नक्सली नेता है और हरियाणा-पंजाब में आतंकी वारदातों को अंजाम देता रहा।
एथलीट भी रहा : संतोख सिंह एथलीट भी रहा है। 1963 में इलाहाबाद में आयोजित रिले रेस में उसने गोल्ड मेडल भी जीता था। फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह भी इसी टीम में थे। स्पोट्र्स कोटे में पुलिस की नौकरी भी की। 1964 में छोड़ दी थी। बाद में वह एक साल अंबाला जेल में रहा।
पंजाब में हाईअलर्ट, सीमा पर खास नजर
अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के बाद पंजाब पुलिस ने राज्य में हाईअलर्ट जारी कर दिया है। खासकर संगरूर जिले के मलेरकोटला में कानून व्यवस्था बरकरार रखने के लिए पुलिस ने खास प्रबंध किए हैं। संगरूर के एएसपी को इसकी विशेष हिदायत दी गई है। पाकिस्तानी बॉर्डर से सटा होने के कारण यहां स्थिति तनावपूर्ण होने की आशंका जताई गई है।







