राज्य में अवैध खनन रोकने के लिए छह टीमें गठित
चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने बढ़ते अवैध खनन के मामलों को देखते हुए जिलों के माइनिंग अफसरों पर भी शिकंजा कसने की योजना बनाई है। इसके तहत अवैध खनन करने वाले ठेकेदारों या अन्य लोगों के साथ-साथ संबंधित क्षेत्र के माइनिंग अफसरों पर भी कार्रवाई की जाएगी। उद्योग मंत्री अनिल जोशी ने बताया कि राज्य स्तर पर छह टीमों का गठन किया गया है जो जिला अधिकारियों के क्षेत्र में आती अवैध खनन की गतिविधियों पर नजर रखेगी।
जिसके क्षेत्र में पकड़े जाएंगे ट्रक उन पर कार्रवाई : मंत्री अनिल जोशी ने कहा कि जिस अधिकारी के क्षेत्र में अवैध खनन संबंधी ट्रक या ट्रॅाली पकड़ी जाएगी उस पर ही कार्रवाई होगी। उनका कहना है कि जब ट्रक या ट्रॉली भरकर सड़क पर पकड़ी जा सकती है तो खनन क्षेत्र में क्यों नहीं। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र पर निगाह रखनेके आदेश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि डायरेक्टर, इंडस्टी उक्त टीमों की देखरेख करेंगे और उन्हें विभिन्न जिलों में जाकर चैकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही संयुक्त सचिव, डिप्टी डायरेक्टर और इनके सामानंतर अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि अवैध खनन माफिया पर अकुंश लगाया जा सके। क्यों लेना पड़ा फैसला : विजिलेंस द्वारा हाल ही में मोहाली में माइनिंग अफसर भोला सिंह बराड़ को अवैध खनन के मामले में रिश्वत लेते पकड़ा गया था। इससे अधिकारियों की मिलीभगत के संकेत मिले थे। विभिन्न जिलों में भी आठ महीने के दौरान करीब 800 करीब अवैध खनन के मामले सामने आए हैं। जिनमें कहीं न कहीं अफसरों की मिलीभगत के संकेत भी मिल रहे हैं। इसलिए सरकार ने इस पर रोक लगाने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।






