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अमेरिका में शहीद कालेके के परिजन सम्मानित
भास्कर न्यूज
| Jan 09, 2013, 07:12AM IST

अमृतसर. अमेरिका के ओकक्रीक गुरुद्वारा साहिब पर हुए हमले के दौरान शहीद सतवंत सिंह कालेके के परिजनों को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मंगलवार को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया।
इस दौरान हमलावरों से लोहा लेते हुए जख्मी हुए अमेरिकी पुलिस अफसर ब्राइन मर्फी को भी यह सम्मान दिया जाएगा। सम्मान लेने के लिए अमेरिका से सतवंत सिंह की पत्नी सतपाल कौर (दाएं सम्मान लेते हुए), बेटा प्रदीप सिंह और अमरदीप सिंह व कालेके की बहनें जसविंदर कौर अमृतसर पहुंचीं।
पांच अगस्त 2012 को अमेरिका स्थित ओकक्रीक गुरुद्वारा साहिब पर हथियारबंद लोगों ने हमला किया था। इस में सात सिख श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। गुरुद्वारें में 17 साल से सेवा कर रहे गुरुद्वारा साहिब के प्रधान सतवंत सिंह कालेके ने संगत की जान बचाते हुए शहादत पाई थी। इस दौरान पुलिस अफसर लेफ्टिनेंट ब्राइन मरफी भी जख्मी हुए थे, उनके जिस्म पर 11 गोलियां लगी थीं।
एसजीपीसी प्रधान मक्कड़ ने कहा कि सतवंत सिंह ने जो शहादत दी है वह ऐतिहासिक है। कमेटी कौम और गुरुधामों की रक्षा के लिए शहादत देने वालों को सदैव सत्कार करती रही है। मर्फी किन्हीं कारणों से नहीं आ सके। उनका मेडल श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी गुरबचन सिंह अमेरिका दौरे के दौरान ले जाएंगे। इस दौरान प्रधान ने सतवंत सिंह के बेटों से अपील की कि वे भी अपने पिता की तर्ज पर गुरु सिख बन कर पंथ की सेवा करें। प्रधान ने कहा कि अमेरिका सरकार गुरुधामों की सुरक्षा के लिए कदम उठा रही है और हमारे लोगों को भी चाहिए कि अपने तौर पर अपनी सुरक्षा यकीनी बनाने को आगे आएं।
सतवंत सिंह की पत्नी और बेटों ने कहा कि घटना के बाद से परिवार काफी आहत था, मगर कमेटी ने उनका मान बढ़ाया है। इस दौरान परिवार ने भारत के प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह से अपील की कि वह विदेशों में रह रहे सिखों और उनके गुरुधामों की सुरक्षा के लिए पहल करें।
अमेरिकी अफसर नहीं पहुंचे
एसजीपीसी प्रधान मक्कड़ ने कहा कि इस हमले के दौरान साहस दिखाने वाले पुलिस अफसर मर्फी किन्हीं कारणों से नहीं आ सके। उनका मेडल श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी गुरबचन सिंह अमेरिका दौरे के दौरान ले जाएंगे।
हमले में 7 लोग मारे गए थे
पांच अगस्त 2012 को अमेरिका स्थित ओकक्रीक गुरुद्वारा साहिब पर हथियारबंद लोगों ने हमला किया था। इस में सात सिख श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। गुरुद्वारा साहिब के प्रधान सतवंत कालेके ने संगत की जान बचाते हुए शहादत पाई थी। पुलिस अफसर ब्राइन मर्फी को भी 11 गोलियां लगी थीं।
प्रधानमंत्री से ये की अपील
सतवंत सिंह की पत्नी और बेटों ने कहा कि घटना के बाद से परिवार आहत था, मगर कमेटी ने उनका मान बढ़ाया है। उन्होंने पीएम मनमोहन सिंह से अपील की कि वे विदेशों में रह रहे सिखों की सुरक्षा के लिए पहल करें।







