विज्ञापन
 
Home >> Punjab >> Jalandhar Zila >> 27 साल बाद स्पेस में भी होगा जीवन डीएवी स्कूल के विद्यार्थियों ने नासा स्पेस सेटलमे

27 साल बाद स्पेस में भी होगा जीवन

डीएवी स्कूल के विद्यार्थियों ने नासा स्पेस सेटलमेंट कंपीटिशन के लिए बनाए अपने प्रोजेक्ट में किया दावा

Matrix News | Apr 13, 2012, 08:12AM IST
 
 

जालंधर-!- 27 साल बाद स्पेस में भी स्थाई तौर पर जीवन बस सकेगा। यह दावा किया है पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने। उन्होंने नासा के अंतरराष्ट्रीय स्पेस सेटलमेंट डिजाइन कंपीटिशन के तहत तैयार किए प्रोजेक्ट कोलंबियट में स्पेस में जीवन की यह संभावना जताई है। स्कूल के विद्यार्थियों की तरफ से पेश किए गए प्रोजेक्ट कोलंबियट ने प्रतियोगिता में पहला और ए ऑन ने तीसरा स्थान हासिल किया है। 11 विद्यार्थियों की यह टीम अब 23 मई को नासा में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल स्पेस डेवलपमेंट कांफ्रेंस में प्रेजेंटेशन देने जाएगी।
वीरवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में प्रिंसिपल डा. रश्मि विज ने बताया कि इस 11 सदस्यीय टीम में नौवीं, दसवी, ग्यारहवीं और बारहवीं ((मेडिकल)) के विद्यार्थी हैं। दो माह की कड़ी मेहनत से विद्यार्थियों ने ये प्रोजेक्ट तैयार किए हैं। प्रिंसिपल ने बताया कि पिछले 6 साल से विद्यार्थियों की तरफ से बनाए प्रोजेक्ट नासा में भेजे जा रहे हैं। इससे पहले भी कई विद्यार्थी इनाम जीत चुके हैं। प्रोजेक्ट तैयार करने में करमिंदर सिंह व नवदीप शर्मा ने विद्यार्थियों की सहायता की है।
यह है प्रोजेक्ट : विद्यार्थी नवजोत सिंह, तरणदीप सिंह, प्रेरणा सिद्धू, निक्षांत, चेतन, मेघा गुप्ता, सिमरन सैनी, नेचर, सुखदीप कौर, नवजोत परमार व हिमानी ने बताया कि कोलंबियट व ए ऑन प्रोजेक्ट के जरिए स्पेस सेटलमेंट में 22000 लोगों के स्थायी रूप से रहने का प्रबंध किया जाएगा। इसके अलावा 1500 से 2000 तक यात्रियों के रहने का प्रबंध भी होगा। लोगों के भोजन के उत्पादन के लिए एयर रीवाइट लाइजेशन सिस्टम का प्रयोग किया जाएगा। यह सिस्टम गर्मी और उमस को भी नियंत्रण करने में सहायक होंगे। व्यर्थ सामान को रीसाइकिल किया जाएगा। सेटलमेंट में मनोरंजन के लिए माइक्रो ग्रेविटी गेम्स भी होंगी। लोगों के लिए आई होम्स की योजना बनाई गई है। इन घरों में कई तरह के सेंसर लगे होंगे। जो घरों के तापमान, गतिविधियों व बागवानी को नियंत्रित करेंगे। घरों की सुरक्षा हेतु कैमरे भी लगाए जाएंगे। घर में छोटे रोबोट भी होंगे, जो घरों की सफाई व घर का अन्य काम करेंगे। रोबोट में पैथोजेनिक सेंसर होंगे। जो हवा में पाए जाने वाल कीटाणुओं को मार कर पर्यावरण शुद्ध करने में सहायक होंगे। जिम्नेजियम, खेलों के मैदान, पुस्तकालय व होटल भी होंगे।
 
 
 

आपके विचार
 
 
कोड:
2 + 4

 
Ad Link
विज्ञापन
विज्ञापन
 
 
 
 
Sabse Bada Match Fixer Contest
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment