उन दिनों इंग्लैंड में इंडिया हाउस संगठन भारतीय आजादी के लिए विदेश में राजनीतिक काम कर रहे लोगों और विद्यार्थियों का केंद्र था। वहां मदन लाल की मुलाकात विनायक दामोदर सावरकर और श्यामजी कृष्ण वर्मा से हुई। मदनलाल भी क्रांतिकारी कामों में जोर-शोर से हिस्सा लेने लगे और सावरकर से उन्होंने हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली।