सीएम से ‘फख्र-ए-कौम’ वापस लेने की मांग
Source: गुरमीत लूथरा | Last Updated 04:17(07/02/12)
अमृतसर. डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह की ओर से मई, 2007 में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का स्वांग रचकर अमृतपान करवाने को लेकर छिड़ा विवाद गहराता जा रहा है।
कट्टरपंथी सिख संगठनों ने डेरा प्रमुख के खिलाफ बठिंडा में दर्ज केस वापस लेने के प्रयास पर सीएम प्रकाश सिंह बादल को कटघरे में खड़ा कर दिया है। संत बाबा बलजीत सिंह दादूवाल ने श्री अकालतख्त साहिब के जत्थेदार गुरबचन सिंह से बादल को दिया गया फख्र-ए-कौम खिताब वापस लेने की मांग तक कर दी है।
यही नहीं मामले को लेकर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की मंगलवार को मानसा में आपात बैठक भी बुलाई गई है। दादूवाल ने कहा कि डेरा प्रमुख को क्लीन चिट दिलाने के बादल सरकार के प्रयास सफल नहीं होने दिए जाएंगे। बादल चंद वोटों की खातिर 27 जनवरी, 2011 से ही केस वापस कराने का प्रयास कर रहे हैं। इससे उनका डेरा प्रेम उजागर हो गया है। उन्हें पंथक कहलाने का कोई हक नहीं है। इससे पूर्व तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार बलवंत सिंह नंदगढ़ और अकालतख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार जोगिंदर सिंह वेदांती भी सीएम की भूमिका की आलोचना कर चुके हैं।
मई, 2007 में डेरा प्रमुख ने बठिंडा के सलाबतपुरा में गुरु बता दें कि गोबिंद सिंह जी का स्वांग रचकर अमृतपान समारोह का आयोजन किया था। इसके बाद से सिख संगत में उनके खिलाफ खासा रोष है। 17 मई, 2007 को पांच तख्तों के सिंह साहिबान ने सिख कौम को डेरा प्रमुख का बायकाट करने का आदेश दिया था।