मकान में लगी आग, जान हथेली पर रख बाहर निकाले तीन सिलेंडर
Source: भास्कर न्यूज | Last Updated 05:27(06/02/12)
अमृतसर. रविवार सुबह गोपाल नगर स्थित टॉवर वाली गली में विभा तलवार के घर में लगी आग से अंदर बंधे दो कुत्तों की जान चली गई। साथ ही उनकी हैंडलूम की दुकान के सामान सहित फ्रिज, टीवी, गहने, कागजात एवं घरेलू सामान जल कर राख हो गया।
आग बुझाने संबंधी तमाम कोशिशों के बावजूद जब आग भड़कती चली गई तो आसपास के घर एवं दुकान वाले भी बुरी तरह घबरा गए। गोपाल नगरवासियों को डर सताने लगा कि अंदर पड़े रसोई गैस सिलेंडर बड़े हादसे को अंजाम दे सकते हैं। इसके मद्देनजर परिवार के सदस्यों ने कुछ लोगों की मदद से जान हथेली पर रखकर सिलेंडरों को बाहर निकाला। करीब पौना घंटा देरी से पहुंची दमकल विभाग की गाड़ियों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
विभा के बेटे सौरभ तलवार का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी, जिससे देखते ही देखते पूरा घर चपेट में आ गया। करीब सवा दस बजे उन्होंने छत पर धुआं उठते देखा तो पता चला कि आग लगी हुई है। इस दौरान परिवार की महिलाएं एवं बच्चों सहित सात-आठ सदस्य घर में ही थे। एकदम अफरातफरी मच गई और सभी सदस्य बाहर गली में भाग खड़े हुए। बाद में आग बुझाने के प्रयासों के दौरान पता चला कि उनके दोनों कुत्ते अंदर ही बंधे रह गए। दमकल विभाग के मुलाजिमों ने जब सारा सामान बाहर निकाला तो वे मर चुके थे।
सौरभ का आरोप है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां करीब एक घंटा देरी से पहुंची। तब तक सारा सामान राख हो चुका था। बची हुई शालें, चदरें एवं कंबल आदि सामान भी आग से बुरी तरह बर्बाद हो चुका है। दो मंजिला यह इमारत एक गुफानुमा है, जिससे कर्मियों को आग बुझाने में भी दिक्कत पेश आई। गली तंग होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियां 100 फुट दूर सड़क पर खड़ी रखनी पड़ी। दहकती आग में मुलाजिमों के लिए अंदर घुसना खतरे से कम नहीं था, जिससे पहले मंजिल के मुग से आग बुझाने की कोशिशें की गई। आग बुझाने के लिए टाउन हाल सहित, सेवा समिति, सिविल लाइंस और बेरी गेट से गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची थीं।
रो उठा परिवार
अमृतसर. विभा तलवार के घर लगी आग से वर्षो से कमाई संपत्ति देखते ही देखते आंखों के सामने खाक हो गई। यह भयानक मंजर देखकर पूरा परिवार रो उठा। परिवार के हरेक सदस्य को जहां कुत्तों की जान जाने का मलाल है, वहीं मेहनत की कमाई के खाक होने का भी। घर में सजी एक-एक चीज, मेहनत-मशक्कत से खरीदे टीवी, फ्रिज, गहनें और तमाम मुश्किलों से बने कागजात इसी आग में राख हो गए। सौरभ तलवार का कहना है कि अक्सर कुत्ते बाहर ही रहते थे, लेकिन रविवार होने के कारण वे सुबह देरी से उठे। इससे कुत्ते अंदर ही बंधे रह गए। आग की अफरा-तफरी में जब उन्हें होश आया तब तक बहुत देर हो चुकी थी। यह हादसा उनके लिए ताउम्र न भूलने वाला है।