बिजली के बेलआऊट पैकेज का विरोध

पटियाला. नार्दर्न इंडिया पॉवर इंजीनियर्ज फेडरेशन ने विभिन्न बिजली बोर्डों को कर्ज से मुक्त करने के लिए शर्तयुक्त वित्तीय बेलआऊट पैकेज का विरोध किया है।
फेडरेशन ने इस पैकेज के साथ जुड़ी शर्तों के प्रति असहमति जताई है। फेडरेशन ने कहा है कि बिजली बोर्डों के ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन लॉस कम करने के लिए प्राइवेट कंपनियों की सेवाएं लेने की जरूरत नहीं और यह कार्य विभागीय तौर पर बेहतर तरीके से किया जा सकता है।
ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्ज फेडरेशन के चेयरमैन पदमजीत सिंह ने कहा कि लाइन लॉस को पंजाब, पूर्व आंध्र, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में विभागीय स्कीमों के जरिए सफलतापूर्वक कम किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि नार्दर्न फेडरेशन ने ट्रांसमिशन लॉस कम करने के लिए हरियाणा बिजली निगम के पास प्रस्ताव भेजने का फैसला किया है।
इसमें बताया जाएगा कि पटियाला और पंजाब के बाकी हिस्सों में कैसे इस लॉस को विभागीय तौर पर सफलतापूर्वक कम किया गया। उन्होंने ट्रांसमिशन लॉस को कम करने का काम फीडर के तौर पर प्राइवेट कंपनियों को सौंपे जाने के हरियाणा के प्रस्ताव का विरोध किया।
पीएसईबी इंजीनियर्ज एसोसिएशन के उप-प्रधान भूपिंदर सिंह ने बताया कि पटियाला में ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन लॉस दो साल पहले 23 से 24 फीसदी थे जिन्हें अब कम करके 17 फीसदी तक लाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर यह काम प्राइवेट कंपनियों से करवाया जाता तो इस पर खर्च भी ज्यादा आना था।
महाराष्ट्र में फार्मूला हो चुका है फेल
ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्ज फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल शैलेंद्र दूबे ने कहा कि प्राइवेट कंपनियों से काम करवाने का फार्मूला नागपुर, औरंगाबाद, जलगांव और आगरा में फेल साबित हो चुका है। प्राइवेट कंपनियां सस्ते रेट्स पर बिजली हासिल करके आगे उसे उपभोक्ता को महंगी दरों पर सप्लाई करती हैं।
पदाधिकारियों का चुनाव
इस मौके पर नार्दर्न इंडिया पॉवर इंजीनियर्ज फेडरेशन के नए पदाधिकारियों का चयन भी किया गया। इनमें हरियाणा से आरएस दहिया को चेयरमैन, पंजाब से भूपिंदर सिंह को सेक्रेटरी जनरल, हिमाचल से आरपीएस सिद्धू, राजस्थान से बीएल जट, दिल्ली से सत्यापाल और जम्मू- कश्मीर से वनीत गुप्ता को उप चेयरमैन चुना गया। अन्य पदाधिकारियों में आरवी सिंह को सेक्रेटरी हेडक्वार्टर, वीके गुप्ता को सेक्रेटरी फाइनांस, ओपी पांडे को सेक्रेटरी आर्गेनाइजेशन और आरएस सराओ को सेक्रेटरी पब्लिकेशन चुना गया।








