गेहूं की बर्बादीः नहीं हुई बड़ी कार्रवाई, अधिकारियों में दिन भर मचा रहा हड़कंप
Source: हरपाल रंधावा | Last Updated 05:28(04/02/12)
तरनतारन. मार्कफैड और पंजाब एग्रो के अधिकारियों की लापरवाही से खराब हो रही लाखों बोरी गेहूं के मामले में शुक्रवार को भी बड़े अधिकारियों की नींद नहीं खुली। दैनिक भास्कर की ओर से खराब गेहूं के मामले को प्रमुखता से उठाने के बाद दोनों विभागों में शुक्रवार को पूरा दिन हड़कंप मचा रहा, लेकिन बड़ी कार्रवाई नहीं हुई।
दूसरी तरफ जिले के डीसी ने मामले की जांच तो शुरू की, लेकिन कछुए की चाल पर। गौरतलब है कि गांव कच्चा-पक्का के पास सड़क के किनारे रखी पंजाब एग्रो फूड ग्रेन की दो लाख बोरी और गांव ठक्करपुरा में मार्कफैड की 55 हजार बोरी गेहूं विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से खराब हो रही है। दोनों मामलों को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से उठाकर अधिकारियों की लापरवाही की पोल खोली थी। तभी से मामला राज्य स्तर पर एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
संगठनों ने मोर्चा खोलने का किया ऐलान
किसान संघर्ष कमेटी पंजाब के प्रधान सतनाम सिंह पन्नू, जम्हूरी किसान सभा के प्रधान जसपाल सिंह ढिल्लों ने मामले को गंभीर बताते हुए इस संबंध में डीसी को मिलने की बात कही है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपए का गेहूं अधिकारियों की लापरवाही से ही खराब हुआ है। अगर जल्द उन पर विभागीय कार्रवाई नहीं हुई तो संघर्ष का बिगुल बजाते हुए कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।
सख्त कार्रवाई होगी
डीसी सतवंत सिंह जोहलने कहा कि दोनों विभागों के अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। जल्द ही इसकी पड़ताल कर लापरवाही दिखाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
करोड़ों का गेहूं हो रहा खराब, अधिकारी बैठकों में व्यस्त
मार्कफैड की जहां गांव ठक्करपुरा में 55 हजार बोरी गेहूं गल रही है, वहीं गांव कच्चा-पक्का के पास पंजाब एग्रो की दो लाख बोरी गेहूं बर्बाद हो रहा है। दुख की बात है कि मार्कफैड के एमडी अजीत सिंह पन्नू के कार्यालय फोन नंबर 0172-2662882 पर कॉल की गई तो उनके कार्यालय में मौजूद अधिकारी ने उनके व्यस्त होने की बात कह डाली। ऐसे ही पन्नू को तीन बार फोन किया गया, लेकिन जवाब वही रहा। इधर गांव कच्चा-पक्का के पास सड़क किनारे गल रही पंजाब एग्रो की दो लाख बोरी गेहूं के मामले में जब उनके एमडी संजय कुमार के मोबाइल नंबर-98140-73164 पर चार बार फोन किया। लेकिन उन्होंने शुक्रवार को भी फोन नहीं उठाया। वहीं कुछ दिन पहले मामले की जांच के निर्देश देने वाले चेयरमैन रणधीर सिंह रखड़ा ने भी अपने मोबाइल 98158-61194 पर कॉल रिसीव नहीं की।